Lucknow News: लखनऊ में एक मामूली विवाद ने ऐसा खौफनाक रूप ले लिया, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। भाजपा युवा मोर्चा से जुड़े 28 वर्षीय शिवम सिंह की देर रात हुई बेरहमी से हत्या ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक, अयोध्या निवासी शिवम सिंह अपने दोस्तों के साथ पार्टी करने के लिए लखनऊ आए थे। देर रात विभूतिखंड इलाके के एक क्लब में पार्टी करने के बाद जब वह बाहर निकले, तभी कुछ युवकों के साथ उनका विवाद हो गया। बताया जा रहा है कि बाइक सवार युवकों ने शिवम से सिगरेट मांगी थी। पहले उन्होंने सिगरेट दे दी, लेकिन दोबारा मांगने पर मना कर दिया। इसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई और मामला धीरे-धीरे हिंसक झगड़े में बदल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले दोनों पक्षों में बहस हुई और फिर हमलावरों ने शिवम पर हमला कर दिया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची।
ईंट-पत्थरों से हमला, सड़क पर लहूलुहान पड़ा रहा शिवम
बताया जा रहा है कि शुरुआती विवाद के बाद शिवम अपने दोस्तों के साथ कार से वहां से निकल गए थे। लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। रास्ते में कठौता झील रोड के पास हमलावरों ने दोबारा उनकी कार को घेर लिया। आरोप है कि बाइक सवार युवकों ने कार पर ईंट-पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। हालात बिगड़ते देख शिवम को कार रोकनी पड़ी। जैसे ही वह कार से बाहर निकले, हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। शिवम के सिर पर ईंट और पत्थरों से कई वार किए गए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि घटना के दौरान उनके साथ मौजूद दोस्त मौके से भाग गए। घायल हालत में शिवम काफी देर तक सड़क किनारे पड़े रहे। बाद में एक राहगीर ने उन्हें देखा और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उनकी हालत बेहद गंभीर बनी हुई थी। इस घटना ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
इलाज के दौरान मौत, परिवार ने दोस्तों पर जताया शक
पुलिस के अनुसार शिवम को पहले Dr. Ram Manohar Lohia Institute of Medical Sciences ले जाया गया, जहां से हालत बिगड़ने पर उन्हें दूसरे अस्पताल रेफर किया गया। कई घंटों तक चले इलाज के बाद आखिरकार 27 मई की रात उनकी मौत हो गई। शिवम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। उनके छोटे भाई सौरभ सिंह ने दोस्तों की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिवार का आरोप है कि घटना के बाद दोस्तों ने न तो शिवम की मदद की और न ही समय पर परिवार को सही जानकारी दी। परिजनों को शक है कि इस पूरी घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। परिवार ने यह भी कहा कि अगर दोस्तों ने समय रहते मदद की होती तो शायद शिवम की जान बच सकती थी। इस मामले में पुलिस शिवम के दोस्तों और क्लब से जुड़े लोगों से लगातार पूछताछ कर रही है। वहीं, परिवार न्याय की मांग कर रहा है और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग उठाई जा रही है।
CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस, कई पहलुओं पर जांच जारी
इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। विभूतिखंड थाना पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। सूत्रों के अनुसार पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले हैं और संदिग्ध युवकों की तलाश जारी है। वहीं शिवम के दोस्त नीलेश से भी कई घंटों तक पूछताछ की गई है। उसने पुलिस को बताया कि हमला अचानक इतना बढ़ गया कि सभी डर गए और मौके से भाग निकले। हालांकि पुलिस इस बयान की सच्चाई की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी डर और गुस्सा देखा जा रहा है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर राजधानी की सड़कों पर देर रात इतनी बड़ी वारदात कैसे हो गई। वहीं भाजपा कार्यकर्ताओं में भी भारी नाराजगी है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग लगातार तेज होती जा रही है।
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