Lucknow Metro Blue Line: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। शहर के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर, जिसे ब्लू लाइन के नाम से जाना जाएगा, के निर्माण की प्रक्रिया अब तेज हो गई है। इस परियोजना के लिए जरूरी टेंडर जारी किए जा चुके हैं और शुरुआती तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। यह नया कॉरिडोर पुराने लखनऊ के कई प्रमुख इलाकों को आधुनिक मेट्रो सेवा से जोड़ेगा, जिससे लाखों लोगों को रोजाना बेहतर और तेज परिवहन सुविधा मिलेगी। सरकार और उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) इस परियोजना को तय समय में पूरा करने की दिशा में काम कर रहे हैं। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 5,801 करोड़ रुपये है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार बराबर की हिस्सेदारी निभाएंगी।
इन 12 स्टेशनों से होकर दौड़ेगी मेट्रो
नई ब्लू लाइन की कुल लंबाई लगभग 11.17 किलोमीटर होगी। इस कॉरिडोर में कुल 12 स्टेशन बनाए जाएंगे। इनमें चारबाग, गौतम बुद्ध मार्ग, अमीनाबाद, पांडेयगंज, सिटी रेलवे स्टेशन, मेडिकल चौराहा (केजीएमयू), नवाजगंज चौक, ठाकुरगंज, बालागंज, सरफराजगंज, मूसाबाग और वसंत कुंज शामिल हैं। इस रूट का सबसे अहम स्टेशन चारबाग होगा, जहां मौजूदा रेड लाइन और नई ब्लू लाइन के बीच इंटरचेंज की सुविधा मिलेगी। इससे यात्रियों को बिना किसी परेशानी के एक लाइन से दूसरी लाइन में सफर करने का मौका मिलेगा। पुराने शहर के व्यस्त बाजारों और अस्पतालों तक पहुंचना भी पहले की तुलना में काफी आसान हो जाएगा।
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— Uttar Pradesh Metro Rail Corporation (@OfficialUPMetro) July 4, 2026
नई तकनीक से बनेगा कॉरिडोर
इस परियोजना में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा ताकि निर्माण कार्य तेजी से पूरा होने के साथ ऐतिहासिक धरोहरों को भी कोई नुकसान न पहुंचे। करीब 6.5 किलोमीटर हिस्सा भूमिगत होगा, जहां टनल बोरिंग मशीन (TBM) की मदद से जमीन के नीचे सुरंग बनाई जाएगी। बड़ा इमामबाड़ा, छोटा इमामबाड़ा, रूमी दरवाजा और घंटाघर जैसे ऐतिहासिक स्थलों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी। वहीं, एलिवेटेड हिस्से में पांच स्टेशन बनाए जाएंगे। इस कॉरिडोर में 750 वोल्ट थर्ड रेल तकनीक का उपयोग होगा, जिससे ऊपर बिजली के तार लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे रखरखाव की लागत कम होगी और सिस्टम अधिक सुरक्षित एवं आधुनिक बनेगा।
व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा बड़ा फायदा
ब्लू लाइन शुरू होने के बाद अमीनाबाद, चौक और ठाकुरगंज जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में आने-जाने का समय काफी कम हो जाएगा। केजीएमयू पहुंचने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भी बड़ी राहत मिलेगी। वहीं, अमीनाबाद और चौक के व्यापारियों, चिकनकारी उद्योग से जुड़े कारीगरों और रोजाना सफर करने वाले लोगों को तेज और सुविधाजनक परिवहन मिलेगा। शुरुआती दौर में इस रूट पर तीन कोच वाली मेट्रो चलाई जाएगी, जबकि भविष्य में यात्रियों की संख्या बढ़ने पर इसे पांच कोच तक बढ़ाया जा सकेगा। अधिकारियों का लक्ष्य है कि अगले पांच वर्षों के भीतर यह पूरी परियोजना तैयार हो जाए और राजधानी लखनऊ को एक और आधुनिक मेट्रो कॉरिडोर की सौगात मिले।
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