उत्तर प्रदेश में इस समय भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। ऊपर से लगातार हो रही बिजली कटौती ने आम जनता की परेशानी को और बढ़ा दिया है। लखनऊ, कानपुर, अलीगढ़ समेत कई जिलों में घंटों बिजली गायब रहने की शिकायतें सामने आईं। कई जगहों पर लोगों का गुस्सा सड़कों तक पहुंच गया। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने तुरंत ऊर्जा विभाग के बड़े अधिकारियों की बैठक बुलाकर हालात की समीक्षा की। बैठक में ऊर्जा मंत्री एके शर्मा, विभागीय अधिकारी और पावर कॉरपोरेशन के वरिष्ठ अफसर मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि गर्मी के मौसम में जनता को बिजली संकट का सामना नहीं करना चाहिए और हर हाल में निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित की जाए।
सीएम योगी का सख्त संदेश- गांव हो या शहर, कटौती बर्दाश्त नहीं
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश के गांव और शहर दोनों जगहों पर बिना रुकावट बिजली उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि बढ़ती मांग को देखते हुए उत्पादन क्षमता बढ़ाने और सभी बिजली इकाइयों को पूरी क्षमता के साथ चलाने की जरूरत है। सरकार का फोकस सिर्फ सप्लाई बढ़ाने पर ही नहीं बल्कि ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत बनाने पर भी है। सीएम ने फीडर वाइज मॉनिटरिंग और जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए ताकि किसी भी क्षेत्र में बिजली बाधित होने पर तुरंत कार्रवाई हो सके। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि लोगों को सिर्फ यह न बताया जाए कि बिजली क्यों गई, बल्कि यह भी बताया जाए कि समस्या कब तक ठीक होगी। मुख्यमंत्री ने स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को समय पर सही बिल देने और शिकायतों का त्वरित समाधान करने पर भी जोर दिया।
रिकॉर्ड बिजली मांग के बीच सरकार की बड़ी चुनौती
ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में बताया गया कि इस साल उत्तर प्रदेश में बिजली की पीक डिमांड 30,339 मेगावाट तक पहुंच चुकी है, जो अब तक के बड़े आंकड़ों में शामिल है। सरकार का दावा है कि इतनी बड़ी मांग के बावजूद व्यवस्था को संभालने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में 60 हजार किलोमीटर से ज्यादा लंबी ट्रांसमिशन लाइनें संचालित हैं और 700 से अधिक उपकेंद्रों के जरिए बिजली सप्लाई की जा रही है। इसके अलावा ट्रांसमिशन नेटवर्क की उपलब्धता 99 प्रतिशत से ज्यादा दर्ज की गई है। सरकार का कहना है कि पिछले वर्षों की तुलना में ट्रांसफॉर्मर खराब होने की घटनाओं में भी भारी कमी आई है। मुख्यमंत्री ने आंधी और तूफान जैसी आपदा के दौरान भी बिजली व्यवस्था जल्द बहाल करने के लिए त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं।
आंधी-तूफान के बाद भी तेजी से बहाल हुई सप्लाई
बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि मई महीने में आए तेज आंधी-तूफान के कारण कई सब-स्टेशन और सैकड़ों फीडर प्रभावित हुए थे, लेकिन विभाग ने तेजी से मरम्मत कार्य करके बिजली सप्लाई बहाल की। मुख्यमंत्री ने भूमिगत बिजली केबल वाले क्षेत्रों में खुदाई से पहले अनुमति लेने के निर्देश भी दिए ताकि तकनीकी नुकसान से बचा जा सके। सरकार अब बिजली व्यवस्था को और भरोसेमंद बनाने के लिए लगातार मॉनिटरिंग, टेक्नोलॉजी और जवाबदेही पर जोर दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों को बेहतर, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण बिजली देना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है। आने वाले दिनों में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर और सख्ती देखने को मिल सकती है ताकि गर्मी के मौसम में जनता को राहत मिल सके।
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