तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य में यूरिया और डीएपी खाद की लगातार सप्लाई कराने की मांग की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खरीफ खेती का समय शुरू होने वाला है और किसान खेती की तैयारी में जुट गए हैं। ऐसे में अगर खाद समय पर नहीं मिली तो किसानों को बड़ी परेशानी हो सकती है। उन्होंने बताया कि राज्य में इस समय धान, उड़द, मूंग, मूंगफली और दूसरी फसलों की बुवाई तेजी से चल रही है। मौसम विभाग ने भी जल्द मॉनसून आने का अनुमान जताया है, इसलिए इस बार खेती ज्यादा होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को समय पर खाद मिलना बहुत जरूरी है।
छोटे किसानों की बढ़ सकती है परेशानी
मुख्यमंत्री विजय ने अपने पत्र में बताया कि तमिलनाडु की बड़ी आबादी खेती पर निर्भर है। राज्य में ज्यादातर किसान छोटे और सीमांत किसान हैं, जो खेती से अपना घर चलाते हैं। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में धान, कपास, गन्ना, सब्जियां और कई दूसरी फसलों की खेती होती है। अगर खाद की कमी हुई तो सबसे ज्यादा नुकसान छोटे किसानों को होगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य के पास पानी के संसाधन कम हैं, फिर भी किसान मेहनत करके अच्छी खेती करते हैं। इसलिए किसानों की जरूरतों को देखते हुए खाद की सप्लाई में कोई रुकावट नहीं आनी चाहिए।
सरकार ने बताई खाद की कमी
मुख्यमंत्री ने कहा कि अप्रैल और मई 2026 में तमिलनाडु को जरूरत के हिसाब से कम खाद मिली है। राज्य को हजारों मीट्रिक टन यूरिया, डीएपी और पोटाश कम मिला है। इसी वजह से सरकार की चिंता बढ़ गई है। विजय ने कहा कि आने वाले दिनों में खाद की मांग और बढ़ेगी क्योंकि किसान ज्यादा जमीन पर खेती करने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि जल्द जरूरी कदम उठाए जाएं ताकि किसानों को किसी तरह की दिक्कत न हो और खेती का काम प्रभावित न हो।
कपास के मुद्दे पर भी केंद्र से की मांग
इससे पहले मुख्यमंत्री विजय ने प्रधानमंत्री मोदी को कपास पर लगने वाले 11 प्रतिशत आयात शुल्क को हटाने के लिए भी पत्र लिखा था। उन्होंने कहा था कि कपास और धागे की कीमतें बढ़ने से तमिलनाडु का कपड़ा उद्योग मुश्किल में आ गया है। इससे लाखों लोगों के रोजगार पर असर पड़ सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का टेक्सटाइल उद्योग देश के बड़े उद्योगों में शामिल है और इसे बचाने के लिए जल्द फैसला जरूरी है। अब खाद और खेती के मुद्दे को लेकर भी राज्य सरकार केंद्र से मदद की मांग कर रही है।
