प्रधानमंत्री Narendra Modi ने नीदरलैंड के हेग शहर में भारतीय प्रवासी समुदाय को संबोधित करते हुए दुनिया के सामने खड़े बड़े संकटों को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के बाद दुनिया अभी पूरी तरह संभल भी नहीं पाई थी कि कई देशों में युद्ध की स्थिति पैदा हो गई और अब ऊर्जा संकट ने हालात को और मुश्किल बना दिया है। पीएम मोदी ने साफ शब्दों में कहा कि अगर दुनिया ने समय रहते सही कदम नहीं उठाए तो बीते कई दशकों में हुई आर्थिक और सामाजिक प्रगति पूरी तरह प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि करोड़ों लोग फिर से गरीबी और बेरोजगारी की मार झेलने को मजबूर हो सकते हैं। प्रधानमंत्री ने वैश्विक अस्थिरता को केवल आर्थिक संकट नहीं बल्कि मानवता के लिए बड़ा खतरा बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया को अब भरोसेमंद और मजबूत सप्लाई चेन बनाने पर ध्यान देना होगा ताकि किसी भी वैश्विक संकट का असर आम लोगों पर कम पड़े। पीएम मोदी के इस बयान को अंतरराष्ट्रीय हालात को लेकर भारत की गंभीर चिंता के रूप में देखा जा रहा है।
भारत-नीदरलैंड साझेदारी को बताया भविष्य की जरूरत
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में भारत और नीदरलैंड के बढ़ते रिश्तों को भी नई वैश्विक व्यवस्था के लिए अहम बताया। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया भरोसेमंद सप्लाई चेन और पारदर्शी व्यापार व्यवस्था की बात कर रही है। ऐसे समय में भारत और नीदरलैंड मिलकर एक मजबूत और विश्वसनीय आर्थिक नेटवर्क तैयार कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच कृषि, तकनीक, जल प्रबंधन, ग्रीन एनर्जी और व्यापार जैसे क्षेत्रों में लगातार सहयोग बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत दुनिया के लिए तेजी से एक भरोसेमंद मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन हब बन रहा है। प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है और देश में युवाओं के लिए नए अवसर लगातार तैयार हो रहे हैं। उन्होंने ग्रीन एनर्जी सेक्टर में भारत की तेजी से बढ़ती ताकत का भी जिक्र किया और कहा कि आने वाले समय में भारत वैश्विक ऊर्जा बदलाव का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया में स्थिरता और विकास के लिए देशों के बीच भरोसेमंद साझेदारी बेहद जरूरी है।
प्रवासी भारतीयों के उत्साह से भावुक हुए पीएम मोदी
हेग में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय के लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान पीएम मोदी भी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि नीदरलैंड में इतना प्यार और अपनापन देखकर कुछ समय के लिए ऐसा लगा जैसे वह भारत में ही किसी बड़े त्योहार में मौजूद हों। प्रधानमंत्री ने विदेशों में रहने वाले भारतीयों की मेहनत और संघर्ष की सराहना करते हुए कहा कि प्रवासी भारतीय दुनिया के अलग-अलग देशों में भारत की संस्कृति, परंपरा और मूल्यों को जीवित रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय ने अपनी भाषा, संस्कृति और पारिवारिक परंपराओं को पीढ़ियों तक संभालकर रखा है, जो गर्व की बात है। पीएम मोदी ने कहा कि विदेशों में बसे भारतीय केवल आर्थिक रूप से सफल नहीं हुए बल्कि उन्होंने अपने काम और व्यवहार से भारत की सकारात्मक छवि भी बनाई है। उन्होंने प्रवासी भारतीयों को भारत का सांस्कृतिक दूत बताते हुए कहा कि पूरी दुनिया में भारत की पहचान मजबूत करने में उनका बड़ा योगदान है।
16 मई 2014 का जिक्र कर दिलाया भरोसा, खेल संबंधों पर भी बोले पीएम
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने 16 मई 2014 का भी विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यही वह दिन था जब भारत में स्थिर बहुमत वाली सरकार की वापसी हुई थी और करोड़ों लोगों ने देश में बदलाव के लिए भरोसा जताया था। पीएम मोदी ने कहा कि देशवासियों का यही विश्वास उन्हें लगातार काम करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि भारत पिछले एक दशक में तेजी से बदला है और अब दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। प्रधानमंत्री ने भारत और नीदरलैंड के बीच खेल संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि टी20 क्रिकेट विश्व कप में नीदरलैंड की टीम ने शानदार प्रदर्शन किया था और दोनों देशों के बीच खेल सहयोग लगातार बढ़ रहा है। पीएम मोदी ने भारतीय महिला हॉकी टीम के पूर्व कोच Sjoerd Marijne का विशेष रूप से जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय महिला हॉकी को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाई। प्रधानमंत्री ने कहा कि खेल दोनों देशों के लोगों को जोड़ने का एक मजबूत माध्यम बन रहा है और आने वाले समय में यह संबंध और मजबूत होंगे।
