Tamil Nadu Politics: तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद सरकार गठन को लेकर जारी सियासी हलचल अब बड़े विवाद में बदलती दिख रही है। अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय के मुख्यमंत्री पद की शपथ से ठीक पहले एक समर्थन पत्र को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। टीवीके (TVK) की ओर से राज्यपाल को सौंपे गए एक पत्र में एएमएमके विधायक के समर्थन का दावा किया गया, लेकिन इस दावे को खुद एएमएमके ने सिरे से खारिज कर दिया। मामला इतना बढ़ गया कि पार्टी ने इसे जालसाजी और सौदेबाजी का आरोप लगाते हुए कानूनी कार्रवाई की बात कही है। इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में अनिश्चितता बढ़ा दी है और सरकार गठन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दिनाकरन का आरोप, फर्जी तरीके से दिखाया गया समर्थन
एएमएमके के महासचिव टीटीवी दिनाकरन ने राज्यपाल से मुलाकात कर स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी का एकमात्र विधायक कामराज एस टीवीके को समर्थन नहीं दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीवीके द्वारा पेश किया गया समर्थन पत्र संदिग्ध है और संभवतः फर्जी है। दिनाकरन के अनुसार, उन्होंने पहले ही एक आधिकारिक पत्र तैयार कर राज्यपाल को सौंपा था, जिसमें एआईएडीएमके नेता एडप्पाडी के. पलानीस्वामी को समर्थन देने की बात कही गई थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके विधायक ने उसी पत्र पर हस्ताक्षर किए थे और उसे उनके कार्यालय के माध्यम से भेजा गया था। इस पूरे मामले को उन्होंने लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बताया है।
विधायक से संपर्क न होने से बढ़ा रहस्य
दिनाकरन ने बताया कि जब उन्हें मीडिया के जरिए टीवीके को समर्थन दिए जाने की खबर मिली तो वे खुद चौंक गए। उन्होंने तुरंत अपने विधायक कामराज एस से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई। इससे संदेह और गहरा गया कि आखिर समर्थन पत्र किस आधार पर पेश किया गया। दिनाकरन का कहना है कि शाम को विधायक द्वारा हस्ताक्षरित पत्र उनके पास मौजूद है, जबकि टीवीके के पास जो दस्तावेज है, वह अलग और संदिग्ध प्रतीत होता है। इस पूरे घटनाक्रम ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या वास्तव में किसी तरह की राजनीतिक जोड़-तोड़ या दबाव की स्थिति बनी है।
पलानीस्वामी को सीएम चेहरा बताकर NDA के साथ खड़े दिनाकरन
इस विवाद के बीच दिनाकरन ने एक बार फिर साफ किया कि उनकी पार्टी एनडीए गठबंधन और एआईएडीएमके के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने एडप्पाडी के. पलानीस्वामी को मुख्यमंत्री पद का सही उम्मीदवार बताते हुए राज्यपाल से उन्हें सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने की मांग की। गौरतलब है कि एएमएमके को इस चुनाव में सिर्फ एक सीट मिली है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में हर विधायक का समर्थन बेहद अहम हो गया है। ऐसे में एक ही विधायक के समर्थन को लेकर पैदा हुआ विवाद पूरे सत्ता समीकरण को प्रभावित कर सकता है। अब सबकी नजर राज्यपाल के अगले कदम और संभावित जांच पर टिकी हुई है, जिससे यह तय होगा कि तमिलनाडु में सरकार किसकी बनेगी।
