West Bengal New CM: पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज का दिन ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि पहली बार भारतीय जनता पार्टी राज्य में सरकार बनाने जा रही है। इसी अहम मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath कोलकाता पहुंच चुके हैं। उनके आगमन के साथ ही शहर का राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। एयरपोर्ट पर उनके स्वागत के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखने को मिले और उनका काफिला सीधे कार्यक्रम स्थल की ओर रवाना हुआ। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में भी योगी आदित्यनाथ भारी सुरक्षा के बीच नजर आए, जिससे इस आयोजन की अहमियत साफ झलकती है। माना जा रहा है कि उनका यह दौरा सिर्फ औपचारिक नहीं बल्कि राजनीतिक तौर पर भी बेहद महत्वपूर्ण संकेत देता है।
सुरेंद्र अधिकारी लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ
शनिवार, 9 मई को Suvendu Adhikari पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। यह राज्य के राजनीतिक इतिहास में बड़ा बदलाव माना जा रहा है, क्योंकि अब तक यहां अन्य दलों का वर्चस्व रहा है। शुक्रवार को भाजपा विधायक दल की बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से नेता चुना गया, जिसके बाद उन्होंने राज्यपाल R. N. Ravi से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया। सूत्रों के मुताबिक शपथ ग्रहण समारोह को भव्य बनाने की पूरी तैयारी की गई है और इसमें बड़े स्तर पर राजनीतिक हस्तियों की मौजूदगी रहने वाली है।
#WATCH | Kolkata | Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath arrives in Kolkata to witness Suvendu Adhikari take oath as the Chief Minister of West Bengal pic.twitter.com/asUrprA3gy
— ANI (@ANI) May 9, 2026
ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होगा मेगा शपथ समारोह
शपथ ग्रहण समारोह कोलकाता के प्रसिद्ध Brigade Parade Ground में आयोजित किया जाएगा, जहां हजारों लोगों के जुटने की संभावना है। इस आयोजन में प्रधानमंत्री Narendra Modi के साथ-साथ एनडीए शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री भी शामिल हो सकते हैं। जानकारी के अनुसार, सुरेंद्र अधिकारी के साथ दो उपमुख्यमंत्री भी शपथ ले सकते हैं, हालांकि इस पर अंतिम फैसला समारोह के दौरान ही सामने आएगा। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके को हाई अलर्ट पर रखा गया है और पुलिस-प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
बंगाल में नए दौर की शुरुआत
पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनना सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि राज्य की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है। लंबे समय से अलग राजनीतिक धारा में चल रहे इस राज्य में अब नई नीतियों और प्रशासनिक बदलावों की उम्मीद की जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव आने वाले समय में राज्य की दिशा और दशा दोनों को प्रभावित कर सकता है। वहीं, विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया और आगे की रणनीति भी अहम होगी। फिलहाल, सभी की नजर शपथ ग्रहण समारोह और नई सरकार के शुरुआती फैसलों पर टिकी हुई है, जो आने वाले समय की राजनीति को आकार देंगे।
