योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर एक ऐसा संगीन आरोप लगाया है, जिसने सूबे की सियासत में ‘सस्पेंस’ और तनाव दोनों बढ़ा दिए हैं। मुरादाबाद पहुंचे राजभर ने सीधे शब्दों में कहा कि अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश का अमन-चैन रास नहीं आ रहा है और वे चाहते हैं कि राज्य एक बार फिर दंगों की आग में झुलस जाए।
“बंगाल के बहाने यूपी में दंगे की साजिश”: राजभर का बड़ा प्रहार
पश्चिम बंगाल चुनाव और वहां के प्रशासनिक विवादों पर अखिलेश यादव की टिप्पणियों को लेकर राजभर ने उन्हें आड़े हाथों लिया। राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव को बंगाल में हो रही घटनाओं का दर्द सिर्फ इसलिए हो रहा है क्योंकि उनका असली मकसद उत्तर प्रदेश के माहौल को खराब करना है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “अखिलेश जी चाहते हैं कि यूपी में फिर से वही पुराना दौर लौट आए, जहां दंगे और मार-काट आम बात थी।” राजभर ने याद दिलाया कि सपा शासनकाल में मुजफ्फरनगर जैसे भीषण दंगे हुए थे और तब के मुख्यमंत्री सैफई में उत्सव मनाने में मशगूल थे।
राजभर ने किया गाजीपुर कांड का जिक्र
गाजीपुर के कटारिया कांड का जिक्र करते हुए ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर जातीय नफरत फैलाने का आरोप लगाया। राजभर का दावा है कि गाजीपुर की घटना पूरी तरह से ‘प्रेम प्रसंग’ से जुड़ी थी और पुलिस की जांच से पीड़ित परिवार संतुष्ट है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद अखिलेश यादव वहां पहुंचकर इसे ‘ब्राह्मण बनाम पिछड़ा’ का रंग दे रहे हैं। राजभर ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “जहां भी जातीय संघर्ष की गुंजाइश दिखती है, अखिलेश जी वहां अफवाह फैलाने पहुंच जाते हैं। वे केवल लाशों पर राजनीति करना जानते हैं।”
नेताओं की ‘दोस्ती’ और कार्यकर्ताओं की ‘लड़ाई’ पर चुटकी
खबर के बीच एक दिलचस्प मोड़ तब आया जब राजभर ने बीजेपी विधायक अनुपमा जायसवाल से अखिलेश की मुलाकात पर अपनी राय रखी। उन्होंने बड़े नेताओं की अंदरूनी केमिस्ट्री का पर्दाफाश करते हुए कहा कि जनता को यह समझना चाहिए कि बड़े नेता सब एक हैं। राजभर ने कहा, “सदन में योगी जी और अखिलेश जी बड़ी गर्मजोशी से मिलते हैं। बड़े नेताओं के बीच कोई दलगत दीवार नहीं होती, वे एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ रहते हैं। केवल छोटे कार्यकर्ता ही आपस में लड़ते-भिड़ते हैं।” यह बयान कार्यकर्ताओं को एक बड़ा संदेश देने की कोशिश माना जा रहा है।
4 मई का इंतजार
राजभर का यह हमला ऐसे समय में आया है जब राज्य में उपचुनावों और अन्य प्रदेशों के चुनावी नतीजों का इंतजार हो रहा है। उन्होंने चुनाव आयोग से बंगाल में निष्पक्षता बरतने की अपील की और कहा कि टीएमसी के लोग मतदाताओं को डरा रहे हैं। राजभर के इन बयानों ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में यूपी की राजनीति में जुबानी जंग और तेज होने वाली है। अब देखना यह है कि समाजवादी पार्टी राजभर के इन तीखे आरोपों का जवाब किस अंदाज में देती है।
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