मध्य प्रदेश के Ujjain में स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकाल Temple परिसर में शुक्रवार तड़के एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने सभी को चौंका दिया। मंदिर के गेट नंबर 4 के पास अंडरपास निर्माण के लिए चल रही सुरंग खुदाई के दौरान जमीन के भीतर से एक प्राचीन शिवलिंग निकल आया। यह घटना सुबह करीब 4 बजे की बताई जा रही है, जब पोकलेन मशीन से खुदाई की जा रही थी। जैसे ही मशीन का पंजा जमीन में गया, एक ठोस वस्तु से टकराया और जांच करने पर वहां शिवलिंग दिखाई दिया। इस अप्रत्याशित खोज के बाद तुरंत खुदाई का काम रोक दिया गया और मौके पर मौजूद लोगों में हलचल मच गई।
शिवलिंग के साथ मिले पत्थर, शिव परिवार की आकृति होने की संभावना
खुदाई के दौरान सिर्फ शिवलिंग ही नहीं, बल्कि दो अन्य पत्थर भी मिले हैं, जिन पर आकृतियां उकेरी हुई हैं। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि ये पत्थर शिव परिवार से संबंधित हो सकते हैं। मौके पर मौजूद इंजीनियर सतीश राजपूत ने बताया कि मशीन किसी कठोर संरचना से टकराई थी, जिसके बाद ध्यान से देखने पर यह धार्मिक आकृति सामने आई। सूचना मिलते ही मंदिर प्रशासन, पुजारी और स्थानीय अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने विधि-विधान से शिवलिंग की पूजा-अर्चना की और पूरे क्षेत्र को सुरक्षित कर दिया। इस खोज ने न सिर्फ श्रद्धालुओं की आस्था को और मजबूत किया है, बल्कि क्षेत्र के इतिहास को लेकर भी नई जिज्ञासा पैदा कर दी है।
क्या जमीन के नीचे छिपा है प्राचीन मंदिर? जांच में जुटा विभाग
इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या जमीन के नीचे कोई प्राचीन मंदिर दबा हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की संरचनाएं अक्सर किसी बड़े धार्मिक स्थल का हिस्सा होती हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि यह शिवलिंग करीब 1000 साल पुराना हो सकता है, हालांकि इसकी सटीक उम्र का पता अब पुरातत्व विभाग की जांच के बाद ही चलेगा। फिलहाल संबंधित विभाग को सूचना दे दी गई है और जल्द ही विशेषज्ञ टीम मौके पर पहुंचकर विस्तृत अध्ययन करेगी। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक निर्माण कार्य पूरी तरह से रोक दिया गया है ताकि किसी भी ऐतिहासिक धरोहर को नुकसान न पहुंचे।
श्रद्धालुओं में उत्साह, सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई
शिवलिंग मिलने की खबर फैलते ही आसपास के इलाके में लोगों की भीड़ जमा होने लगी। श्रद्धालु इसे एक दिव्य संकेत के रूप में देख रहे हैं और बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंचकर दर्शन करने की इच्छा जता रहे हैं। वहीं प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से इलाके में अतिरिक्त इंतजाम किए हैं, ताकि स्थल को सुरक्षित रखा जा सके। स्थानीय जानकारों का कहना है कि यह क्षेत्र प्राचीन समय से ही धार्मिक गतिविधियों का केंद्र रहा है, ऐसे में जमीन के नीचे और भी ऐतिहासिक अवशेष मिलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। अब सबकी नजर पुरातत्व विभाग की रिपोर्ट पर टिकी है, जो इस रहस्य से पर्दा उठाएगी और यह बताएगी कि आखिर इस जमीन के नीचे कितना पुराना इतिहास छिपा है।
Read more-भारतीय पुरुष कर्मचारी ने महिला डायरेक्टर पर लगाए सनसनीखेज आरोप, कहा ‘ड्रग देकर मेरे साथ रेप…’
