पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान एक नई राजनीतिक बहस ने जोर पकड़ लिया है। कांग्रेस नेता Partap Singh Bajwa द्वारा मुख्यमंत्री और विधायकों के डोप टेस्ट की मांग किए जाने के बाद आम आदमी पार्टी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पंजाब में सत्तारूढ़ AAP के प्रदेश अध्यक्ष और मंत्री Aman Arora ने इस मांग को “दुर्भाग्यपूर्ण” बताते हुए कहा कि विपक्ष बिना आधार के आरोप लगा रहा है, जिससे विधानसभा की गरिमा प्रभावित हो रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सत्र श्रमिकों के सम्मान के लिए बुलाया गया था, लेकिन इसे विवाद का मुद्दा बना दिया गया।
कांग्रेस का आरोप: CM और विधायकों का हो टेस्ट
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब Partap Singh Bajwa ने विधानसभा में मुख्यमंत्री Bhagwant Mann और अन्य विधायकों का एल्कोहल मीटर से परीक्षण कराने की मांग रखी। उन्होंने दावा किया कि पहले भी ऐसे आरोप सामने आए हैं कि कुछ नेता नशे की हालत में सदन में पहुंचे थे। बाजवा का कहना था कि अगर ये आरोप सही हैं, तो यह विधानसभा के नियमों और मर्यादा का उल्लंघन है। उन्होंने स्पीकर से इस मामले में हस्तक्षेप करने और जांच कराने की मांग की।
AAP का जवाब: ‘सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाने की कोशिश’
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए Aman Arora ने कहा कि कांग्रेस लगातार ऐसे बयान दे रही है जो तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का मकसद सिर्फ राजनीतिक माहौल को खराब करना है। अरुणा ने यह भी कहा कि विशेष सत्र का उद्देश्य मजदूरों के योगदान को सम्मान देना था, लेकिन विपक्ष ने इसे अनावश्यक विवाद में बदल दिया। वहीं, फ्लोर टेस्ट को लेकर उन्होंने कहा कि यह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है और जल्द ही स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
बीजेपी की एंट्री
इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी भी पीछे नहीं रही। पंजाब बीजेपी अध्यक्ष Sunil Jakhar ने भी डोप टेस्ट की मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि अगर विधानसभा में आने वाले नेताओं का ब्रेथलाइजर टेस्ट किया जाए, तो कई सच्चाइयां सामने आ सकती हैं। हालांकि, अब तक Bhagwant Mann की ओर से इस पूरे विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन इतना साफ है कि इस मुद्दे ने पंजाब की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है, जो आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है।
