पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग के दौरान इस बार सुरक्षा व्यवस्था पहले से ज्यादा कड़ी नजर आ रही है। राज्य में मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच है, जिस वजह से हर गतिविधि पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। इसी बीच उत्तर प्रदेश कैडर के IPS अजय पाल शर्मा को चुनाव पर्यवेक्षक बनाकर बंगाल भेजा गया है। उन्हें ऐसे इलाके की जिम्मेदारी दी गई है, जहां राजनीतिक मुकाबला काफी संवेदनशील माना जाता है। चुनाव आयोग का मानना है कि दूसरे राज्यों के अधिकारियों की तैनाती से निष्पक्षता बनाए रखने में मदद मिलती है।
सुबह से ही फील्ड में सक्रिय
मतदान के दिन IPS अजय पाल शर्मा ने सुबह से ही मैदान में उतरकर हालात का जायजा लेना शुरू कर दिया। उन्होंने डायमंड हार्बर और आसपास के इलाकों में कई मतदान केंद्रों का दौरा किया। सुबह करीब साढ़े सात बजे से ही उनकी टीम सक्रिय हो गई थी और संवेदनशील बूथों पर खास निगरानी रखी गई। इसके अलावा कुलपी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में भी निरीक्षण किया गया। अधिकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य सिर्फ यह सुनिश्चित करना है कि मतदान शांतिपूर्ण तरीके से हो और किसी तरह की गड़बड़ी न हो। शुरुआती रिपोर्ट्स में मतदान सामान्य तरीके से चलता दिखा, लेकिन सुरक्षा बल हर स्थिति के लिए तैयार रहे।
शिकायतों के बाद सख्त रुख
IPS अजय पाल शर्मा उस समय चर्चा में आ गए जब वे सुरक्षा बलों के साथ एक स्थानीय विधायक के घर पहुंचे। बताया जा रहा है कि कुछ लोगों ने शिकायत की थी कि इलाके में मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। इन शिकायतों के बाद शर्मा ने मौके पर जाकर साफ शब्दों में कहा कि किसी भी तरह की गलत हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनका यह रुख सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया और राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। एक तरफ भाजपा ने इसे कड़ी कार्रवाई बताया, तो दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस ने इसे अनावश्यक दबाव बनाने की कोशिश बताया।
IPS Ajay Pal Sharma is headed out to inspect the Polling Booths in Diamond Harbour following the Tape Complaintspic.twitter.com/bc41plGfY4
— Sudhanidhi Bandyopadhyay (@SudhanidhiB) April 29, 2026
प्रशासन ने बनाए रखी सख्ती
इस पूरे घटनाक्रम के बाद संबंधित नेता की ओर से भी जवाबी बयान सामने आया, जिससे सियासी माहौल और ज्यादा गरमा गया। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी और बढ़ गई है कि मतदान बिना किसी विवाद के पूरा हो सके। अजय पाल शर्मा लगातार इलाके में नजर बनाए हुए हैं और किसी भी तरह की समस्या से निपटने के लिए तैयार हैं। चुनाव आयोग का कहना है कि सभी कदम निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आगे का मतदान कितना शांतिपूर्ण रहता है।
