पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग के बीच एक बार फिर हिंसा की घटना सामने आई है। इस बार मामला Asansol का है, जहां Agnimitra Paul की कार पर भीड़ ने हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि वह मतदान के दौरान क्षेत्र का दौरा कर रही थीं, तभी अचानक कुछ लोगों ने उनकी गाड़ी को निशाना बना लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ ने उनकी कार पर ईंट-पत्थर फेंके, जिससे गाड़ी के कांच टूट गए। घटना के बाद इलाके में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे।
रहमत नगर इलाके में पथराव
मिली जानकारी के अनुसार, यह हमला आसनसोल के रहमत नगर इलाके में हुआ। Agnimitra Paul ने इस घटना के बाद हीरापुर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और जांच शुरू कर दी है। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें प्रत्याशी अपनी क्षतिग्रस्त कार के सामने खड़ी नजर आ रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है, ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। फिलहाल इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की और अप्रिय घटना को रोका जा सके।
Asansol, West Bengal: In Asansol South assembly constituency, BJP candidate Agnimitra Paul’s car was reportedly attacked, with bricks and stones thrown, breaking its windows. The incident was later reported to the police for investigation. pic.twitter.com/hZD7zFFwk2
— IANS (@ians_india) April 23, 2026
पहले भी सामने आ चुकी हैं हिंसा की घटनाएं
गौरतलब है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले Murshidabad और Dakshin Dinajpur से भी चुनावी हिंसा की खबरें सामने आ चुकी हैं। मुर्शिदाबाद में राजनीतिक समर्थकों के बीच झड़प हुई थी, जबकि दक्षिण दिनाजपुर में एक अन्य BJP उम्मीदवार पर हमला हुआ था। लगातार हो रही इन घटनाओं ने चुनावी माहौल को तनावपूर्ण बना दिया है। राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं, जिससे स्थिति और संवेदनशील होती जा रही है। चुनाव के दौरान ऐसी घटनाएं लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े करती हैं।
चुनाव आयोग सख्त, मांगी गई रिपोर्ट
इन घटनाओं को देखते हुए Election Commission of India ने मामले का संज्ञान लिया है और संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते ऐसे मामलों पर नियंत्रण नहीं पाया गया, तो यह मतदाताओं के मन में डर पैदा कर सकता है। फिलहाल प्रशासन स्थिति को सामान्य बनाए रखने की कोशिश कर रहा है और आने वाले चरणों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की संभावना है।
