पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान एक बार फिर हिंसा की खबर सामने आई है, जिसने चुनावी माहौल को तनावपूर्ण बना दिया है। दक्षिण दिनाजपुर जिले के कुमारगंज विधानसभा क्षेत्र में मतदान के बीच BJP उम्मीदवार शुभेंदु सरकार पर भीड़ ने हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि घटना उस समय हुई जब वह कुछ पोलिंग बूथों का जायजा लेने पहुंचे थे। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार अचानक माहौल बिगड़ गया और भीड़ ने उन्हें घेर लिया। इस दौरान उन्हें बचाने के लिए पुलिसकर्मी को हस्तक्षेप करना पड़ा। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें साफ दिख रहा है कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद कुछ लोग उम्मीदवार के साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं।
पोलिंग एजेंटों को हटाने का आरोप
BJP उम्मीदवार शुभेंदु सरकार ने आरोप लगाया है कि उनके पोलिंग एजेंटों को कई मतदान केंद्रों से जबरदस्ती बाहर निकाल दिया गया था। उनका कहना है कि कुमारगंज क्षेत्र के 8 से 10 पोलिंग स्टेशनों पर उनके एजेंटों को अंदर नहीं जाने दिया जा रहा था। जब उन्होंने खुद मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने की कोशिश की और एजेंटों को वापस अंदर भेजने का प्रयास किया, तभी कथित तौर पर TMC कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला कर दिया। इस घटना के बाद इलाके में तनाव और बढ़ गया। हालांकि, दूसरे पक्ष की ओर से इन आरोपों पर अभी तक स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
दक्षिण दिनाजपुर के कुमारगंज से बीजेपी उम्मीदवार शुभेंदु सरकार को आम जनता ने पीटा है। उन्हें जान हथेली पर लेकर भागना पड़ा है। आश्चर्य है मौके पर केवल एक पुलिसकर्मी दिखाई दे रहा है। इसके पहले विधानसभा सीट पर बूथों पर भी मारपीट हुई है। pic.twitter.com/98cn33mCih
— Awesh Tiwari (@awesh29) April 23, 2026
पुलिस की मौजूदगी में मारपीट
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद थे, फिर भी भीड़ उम्मीदवार तक पहुंच गई और उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। हालांकि एक पुलिसकर्मी ने उन्हें वहां से सुरक्षित निकालने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान हुई हिंसा ने चुनावी सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि घटना की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। चुनाव आयोग भी इस मामले को गंभीरता से ले सकता है, क्योंकि मतदान के दौरान ऐसी घटनाएं लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करती हैं।
पहले भी सामने आईं हिंसा की खबरें
गौरतलब है कि इससे पहले भी पश्चिम बंगाल के अलग-अलग हिस्सों से चुनावी हिंसा की खबरें सामने आ चुकी हैं। मुर्शिदाबाद में TMC और अन्य राजनीतिक गुटों के बीच झड़प की घटना अभी शांत भी नहीं हुई थी कि कुमारगंज की यह घटना सामने आ गई। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से आम मतदाताओं में डर का माहौल बन सकता है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समय रहते कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो इसका असर मतदान प्रतिशत और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर पड़ सकता है। फिलहाल सभी की नजर प्रशासन और चुनाव आयोग की कार्रवाई पर टिकी हुई है।
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