नोएडा में हाल ही में हुए श्रमिक आंदोलन और हिंसा के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि श्रमिकों के अधिकारों से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि किसी स्तर पर श्रमिकों के हितों का उल्लंघन पाया गया, तो दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। सीएम योगी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश की औद्योगिक स्थिति की समीक्षा करते हुए गौतमबुद्ध नगर की घटनाओं पर विशेष ध्यान दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि श्रमिकों को सम्मानजनक कार्य वातावरण, समय पर वेतन और सभी वैधानिक सुविधाएं मिलना उनका अधिकार है, और इसे हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा।
बाहरी तत्वों की भूमिका और जांच के सख्त आदेश
सरकारी रिपोर्ट में यह सामने आया है कि हाल की हिंसा और प्रदर्शन में गिरफ्तार किए गए 66 लोगों में से 45 लोग वास्तविक श्रमिक नहीं थे। ऐसे में सीएम योगी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जो भी व्यक्ति औद्योगिक क्षेत्रों में अशांति फैलाने या हिंसा भड़काने में शामिल पाया जाए, उसकी तुरंत पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाहरी या शरारती तत्वों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी आदेश दिया कि ऐसे लोगों की पहचान कर सार्वजनिक स्थानों पर उनकी तस्वीरें लगाई जाएं, ताकि आम जनता को सच्चाई पता चल सके और औद्योगिक विकास में बाधा डालने वालों की पहचान स्पष्ट हो सके।
श्रमिकों के लिए नई व्यवस्था की तैयारी
सीएम योगी ने औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों की सुरक्षा और सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया है। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी कंपनियों में ग्रीवांस सेल अनिवार्य रूप से बनाई जाए, जहां श्रमिक अपनी शिकायतें आसानी से दर्ज करा सकें और उनका समयबद्ध समाधान हो। इसके अलावा, उन्होंने मैनपावर सप्लाई एजेंसियों की गहन जांच के आदेश भी दिए हैं ताकि श्रमिकों के वेतन, ईएसआई, बीमा और अन्य लाभों में किसी प्रकार की अनियमितता न हो। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में डॉरमेट्री, सस्ते आवास, मेस व्यवस्था और स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाया जाए, ताकि श्रमिकों का जीवन स्तर सुधर सके।
औद्योगिक माहौल को स्थिर रखने की कोशिश
मुख्यमंत्री ने पुलिस और प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी बाहरी या अराजक तत्व को औद्योगिक इकाइयों में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही केवल वास्तविक श्रमिकों के साथ ही संवाद स्थापित किया जाएगा ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे और उत्पादन प्रभावित न हो। सीएम योगी ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर भी सख्त निगरानी रखने के आदेश दिए हैं। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वेतन वृद्धि के बाद स्थिति में सुधार हुआ है और औद्योगिक माहौल सामान्य हो रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि थर्ड पार्टी सर्वे के जरिए वास्तविक समस्याओं की पहचान कर उनका स्थायी समाधान निकाला जाए।
