नोएडा में पिछले चार दिनों से चल रहे श्रमिक आंदोलन का असर अब घरों के अंदर तक पहुंच गया है। सेक्टर 121 स्थित क्लियो काउंटी सोसाइटी समेत कई इलाकों में काम करने वाली घरेलू सहायिकाओं (मेड्स) ने भी हड़ताल शुरू कर दी है। अचानक काम बंद होने से हजारों घरों की दिनचर्या प्रभावित हो गई है। सुबह की रसोई से लेकर सफाई तक का काम ठप पड़ गया है, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कम वेतन और बिना छुट्टी के काम से नाराज मेड्स
प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं का कहना है कि उन्हें लंबे समय से कम वेतन पर काम करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि कई घरों में उनसे तय समय से ज्यादा काम लिया जाता है, लेकिन बदले में उचित भुगतान नहीं किया जाता। इसके साथ ही उन्हें नियमित छुट्टियां भी नहीं मिलतीं। मेड्स का साफ कहना है कि जब तक उनकी सैलरी नहीं बढ़ाई जाएगी और काम की शर्तों में सुधार नहीं होगा, तब तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगी।
सड़कों पर उतरीं महिलाएं, पुलिस ने संभाला मोर्चा
सोसाइटी के बाहर बड़ी संख्या में घरेलू सहायिकाएं सड़कों पर उतर आईं और विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने हक में नारेबाजी की और प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की। स्थिति को देखते हुए नोएडा पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को शांत रखने की कोशिश की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बातचीत के जरिए समस्या का समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है ताकि स्थिति बिगड़ने न पाए।
घरों में बढ़ी परेशानी, समाधान का इंतजार
मेड्स की हड़ताल का सीधा असर सोसाइटी में रहने वाले लोगों पर पड़ रहा है। कामकाजी परिवारों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है, क्योंकि अचानक घरेलू कामों का बोझ बढ़ गया है। कई लोग वैकल्पिक व्यवस्था तलाश रहे हैं, लेकिन फिलहाल स्थिति सामान्य होने के कोई संकेत नहीं हैं। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच कब समझौता होता है और कब घरों की रसोई फिर से पटरी पर लौटती है।
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