Badaun में शुक्रवार रात एक ऐसा हादसा हुआ जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। उसहैत थाना क्षेत्र के रौता गांव के पास एक चलती सीएनजी कार में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते कार आग का गोला बन गई। कार में सवार दंपति को संभलने का मौका तक नहीं मिला। बताया जा रहा है कि महिला ऑपरेशन के बाद पीछे की सीट पर लेटी हुई थीं, जिससे वह बाहर निकल नहीं सकीं। यह हादसा उस समय हुआ जब दंपति Lucknow से इलाज कराकर अपने घर लौट रहे थे। घर से महज कुछ किलोमीटर पहले ही यह दर्दनाक घटना हो गई।
पत्नी जिंदा जली, बचाने में पति भी झुलसा
इस भीषण आग में स्वास्थ्य विभाग में सीएचओ पद पर तैनात Priya Bhardwaj की जिंदा जलकर मौत हो गई। वहीं उन्हें बचाने की कोशिश में उनके पति Arpit Bhardwaj भी गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस ने किसी तरह आग पर काबू पाया और घायल पति को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
इलाज के बाद लौट रहे थे, रास्ते में मौत ने घेरा
जानकारी के मुताबिक, प्रिया भारद्वाज का तीन दिन पहले गॉलब्लैडर का ऑपरेशन हुआ था और वह अपने पति के साथ घर लौट रही थीं। कार अर्पित चला रहे थे, जबकि प्रिया पीछे आराम कर रही थीं। इसी दौरान अचानक कार में आग लग गई। अर्पित ने पत्नी को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि वह उन्हें बाहर नहीं निकाल सके। परिवार के अन्य सदस्य दूसरी कार में पीछे आ रहे थे, लेकिन जब तक वे मौके पर पहुंचे, तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था।
3 साल पहले हुई थी शादी
अर्पित और प्रिया की शादी करीब तीन साल पहले हुई थी और उनकी एक छोटी बेटी भी है। इस हादसे के बाद पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और सबसे बड़ी चिंता अब उस मासूम बच्ची के भविष्य को लेकर है। अर्पित के पिता ने बताया कि ऑपरेशन के बाद दोनों अलग कार में घर लौट रहे थे। यह हादसा इतनी तेजी से हुआ कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि कार में आग लगने की असली वजह क्या थी, हालांकि शुरुआती तौर पर तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है।
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