Basti News: बस्ती रेलवे स्टेशन पर उस समय सुरक्षा एजेंसियां हैरान रह गईं, जब वैशाली एक्सप्रेस के जनरल कोच से एक लावारिस बैग में भारी मात्रा में गांजा मिला। आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ट्रेन में नियमित जांच कर रही थी। इसी दौरान एक बैग संदिग्ध हालत में पड़ा मिला। जब अधिकारियों ने बैग खोलकर देखा तो उसमें 17 किलो गांजा बरामद हुआ। इसकी कीमत करीब 17 लाख रुपये बताई जा रही है। सबसे हैरानी की बात यह रही कि बैग के आसपास कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं था। ऐसे में यह साफ नहीं हो सका कि गांजा किसका था और इसे कहां ले जाया जा रहा था। बरामदगी के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत जांच शुरू कर दी।
संयुक्त अभियान में मिली बड़ी सफलता
जानकारी के अनुसार गाड़ी संख्या 15565 वैशाली एक्सप्रेस के जनरल कोच में विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा था। इस दौरान आरपीएफ की स्पेशल टास्क टीम, सीआईबी गोरखपुर, स्कॉर्ट पार्टी लखनऊ, आरपीएफ बस्ती और जीआरपी बस्ती की टीम ने मिलकर तलाशी ली। जांच के दौरान संदिग्ध बैग मिलने पर उसे कब्जे में लिया गया। तलाशी में गांजा मिलने के बाद अधिकारियों ने पूरे कोच की दोबारा जांच की, लेकिन कोई संदिग्ध व्यक्ति नहीं मिला। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई रेलवे में नशे के कारोबार पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा थी। समय रहते गांजा पकड़े जाने से एक बड़ी तस्करी की कोशिश नाकाम हो गई।
तस्कर कौन था? यही सबसे बड़ा सवाल
गांजा बरामद होने के बाद अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इसे ट्रेन में कौन छोड़कर गया। जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि बैग किस स्टेशन से ट्रेन में लाया गया और इसे किस जगह पहुंचाया जाना था। इसके लिए रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देखी जा रही है। साथ ही ट्रेन के रूट और यात्रियों से जुड़ी जानकारी भी जुटाई जा रही है। अधिकारियों को शक है कि जांच की भनक लगने पर तस्कर बैग छोड़कर फरार हो गया होगा। हालांकि अभी तक किसी व्यक्ति की पहचान नहीं हो सकी है।
पुलिस बोली- जल्द सामने आएगी पूरी सच्चाई
आरपीएफ बस्ती के प्रभारी निरीक्षक मिर्जा राशिद बेग ने बताया कि बरामद गांजे को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जीआरपी बस्ती को सौंप दिया गया है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि रेलवे के जरिए नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं और आगे भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे। फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन जांच टीम को उम्मीद है कि जल्द ही गांजे के असली मालिक और पूरे नेटवर्क का पता चल जाएगा।
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