बिहार की राजनीति में दशकों तक धुरी बने रहने वाले नीतीश कुमार अब अपनी राजनीतिक पारी का नया अध्याय देश की राजधानी दिल्ली से शुरू करने जा रहे हैं। 10 अप्रैल को नीतीश कुमार ने राज्यसभा सदस्य के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली, जिसे उपराष्ट्रपति ने संपन्न कराया। जैसे ही नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री पद से विदा लेकर दिल्ली का रुख किया, सियासी गलियारों में बयानबाजी का दौर तेज हो गया। इसी क्रम में कांग्रेस की दिग्गज नेता और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने एक ऐसा बयान दे दिया है, जिसने बिहार से लेकर दिल्ली तक खलबली मचा दी है। मीरा कुमार के इस ‘अजीबो-गरीब’ कटाक्ष ने न केवल विपक्ष के तेवर दिखा दिए हैं, बल्कि सत्ताधारी गठबंधन को भी हमलावर होने का मौका दे दिया है।
‘मुक्ति’ वाले बयान से गरमाया राजनीतिक पारा
दिल्ली में जब पत्रकारों ने मीरा कुमार से नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और बिहार छोड़ने पर उनकी प्रतिक्रिया मांगी, तो पहले उन्होंने इसे एक सामान्य प्रक्रिया बताया। मीरा कुमार ने शुरुआत में कहा कि बहुत से लोग शपथ लेते हैं, इसमें कोई बड़ी बात नहीं है। लेकिन जैसे ही पत्रकारों ने यह दोहराया कि नीतीश अब पूरी तरह दिल्ली शिफ्ट हो रहे हैं और बिहार की सत्ता से दूर जा रहे हैं, मीरा कुमार ने तंज कसते हुए कहा, “बिहार की तो बहुत बड़ी मुक्ति हो गई।” उनके इस एक वाक्य ने बिहार के राजनीतिक भविष्य और नीतीश कुमार के पिछले दो दशकों के शासनकाल पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। कांग्रेस नेता के इस तीखे प्रहार को सीधे तौर पर नीतीश कुमार के सुशासन के दावों पर चोट के रूप में देखा जा रहा है।
बीजेपी का पलटवार
मीरा कुमार के इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। बिहार बीजेपी के प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने इस टिप्पणी को वास्तविकता से परे और बिहार की जनता का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास देखा है। बीजेपी प्रवक्ता ने दो टूक शब्दों में कहा कि “मुक्ति” जैसे शब्दों का प्रयोग करना न तो लोकतंत्र की मर्यादा के अनुकूल है और न ही यह उन करोड़ों लोगों की भावनाओं का सम्मान है जिन्होंने नीतीश कुमार की नीतियों पर भरोसा जताया है। बीजेपी ने साफ किया कि बिहार का विकास एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है और नीतीश कुमार का दिल्ली जाना एक नई रणनीति का हिस्सा है, न कि किसी जिम्मेदारी से भागना।
जेडीयू ने याद दिलाया इतिहास
वहीं, नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने भी मीरा कुमार को आईना दिखाने में देर नहीं की। जेडीयू प्रवक्ता अंजुम आरा ने मीरा कुमार के बयान पर तीखी आपत्ति जताते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी खुद जमीनी हकीकत से कट चुकी है। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि सच तो यह है कि बिहार की जनता को बरसों पहले कांग्रेस के कुशासन से मुक्ति मिल चुकी है और अब जनता कांग्रेस को पूरी तरह नकार चुकी है। जेडीयू का दावा है कि नीतीश कुमार के दिल्ली जाने के फैसले से बिहार की जनता दुखी और भावुक है, क्योंकि उन्होंने राज्य को अंधकार से निकालकर विकास की राह पर खड़ा किया है। जेडीयू ने मीरा कुमार के बयान को हताशा का प्रतीक बताया और कहा कि नीतीश कुमार की राष्ट्रीय राजनीति में भूमिका बिहार के लिए गौरव की बात है।
