Gurugram News: हरियाणा के गुरुग्राम में शनिवार को एक खौफनाक घटना हुई। ऑटो चालक मनोज और उसके दो छोटे बच्चे मयूर (6) और लक्ष्य (3) अचानक गायब हो गए। अपहरणकर्ताओं ने उन्हें बरेली ले जाने का प्लान बनाया। पुलिस की जांच में पता चला कि अपहरणकर्ता पहले से ही मनोज को जानते थे और व्यक्तिगत कारणों से उन्हें निशाना बनाया। अपहरणकर्ताओं ने मनोज को बंधक बनाकर बच्चों को वापस गुरुग्राम ले जाने की योजना बनाई। लेकिन बरेली के पास उनकी गाड़ी एक खड़े टैंकर से जा टकराई। इस हादसे में तीन किडनैपर्स समेत पांच लोग मारे गए। बच्चों को हल्की चोटें आईं, लेकिन उनकी जान बच गई। मनोज को भी पुलिस ने सुरक्षित बरामद कर लिया। इस हादसे ने पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया। हादसे के बाद स्थानीय लोगों में डर फैल गया और मामला तेजी से मीडिया में आया। गुरुग्राम और बरेली पुलिस मिलकर पूरे घटना स्थल और आसपास की निगरानी बढ़ा दी।
परिवारिक रंजिश का राज
पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला कि किडनैपिंग का असली कारण व्यक्तिगत रंजिश था। मनोज की गोद ली हुई बेटी का मृतक मनमोहन के साथ संबंध था। मनोज ने इसका विरोध किया था। इसी वजह से अपहरणकर्ताओं ने उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई। हालांकि बच्चों से उनका कोई दुश्मनी नहीं थी। इसलिए वे बच्चों को सुरक्षित वापस गुरुग्राम लौटाने ही वाले थे। लेकिन हादसे ने योजना को विफल कर दिया। पुलिस ने बताया कि बचे हुए आरोपियों में से एक घायल है, जिससे पूछताछ कर पूरी कहानी सामने लाई जा रही है। जांच में यह भी सामने आया कि मनोज को जान से मारने की योजना बनाई गई थी। अपहरणकर्ताओं ने बच्चों को बीच में किसी नुकसान के बिना छोड़ने की कोशिश की, लेकिन यह पूरी तरह नहीं हो पाया।
पुलिस ने मनोज और बच्चों को सुरक्षित बरामद किया
मनोज की पत्नी पूजा ने थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी। उसने बताया कि उसके पति और बच्चे घर वापस नहीं आए। कुछ समय बाद उन्हें फोन पर धमकी मिली कि अगर पुलिस को कुछ बताया तो मनोज की जान खतरे में होगी। गुरुग्राम और बरेली पुलिस ने मिलकर सर्विलांस कैमरों और पूछताछ के जरिए मनोज और बच्चों को सुरक्षित बरामद किया। बरेली पुलिस ने मृतक मनमोहन के पिता नत्थू और घायल आरोपी प्रिंस को हिरासत में लिया। पुलिस ने कहा कि मामले की पूरी जांच जारी है। बाकी आरोपियों की तलाश भी जारी है। स्थानीय प्रशासन ने अपहरण और हादसे के कारण इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है।
किडनैपिंग का रहस्य उजागर
पुलिस ने बताया कि बच्चे अब सुरक्षित और स्वस्थ हैं। पूरे मामले में स्पष्ट हुआ कि अपहरण व्यक्तिगत रंजिश की वजह से हुआ और बच्चों को नुकसान पहुंचाना मकसद नहीं था। अधिकारियों का कहना है कि पूरे गिरोह को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। गुरुग्राम और बरेली पुलिस मिलकर पूरी जांच कर रही हैं। घटना लोगों को चेतावनी देती है कि निजी रंजिश और अपराध कितनी गंभीर समस्या पैदा कर सकते हैं। इस घटना ने परिवारों और समाज के लिए संदेश दिया है कि बच्चों और परिवार की सुरक्षा सर्वोपरि है। पुलिस और प्रशासन इस तरह के मामलों में सतर्क रहकर समय रहते कार्रवाई कर रहे हैं।
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