उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के पचदेवरा थाना क्षेत्र में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। यहां ‘नई बस्ती’ गांव में अंधविश्वास के नाम पर 13 वर्षीय किशोरी को कथित तांत्रिक और उसके बेटों ने बर्बर तरीके से पीटा। बच्ची का इलाज करने के नाम पर हुई यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के जरिए उजागर हुई, जिसमें आरोपी बच्ची की चोटी पकड़कर उसे पीटते और गर्दन पर गंडासा रगड़ते हुए नजर आ रहे हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तुरंत मामले का संज्ञान लिया और पुजारी परमेश्वरदीन शर्मा एवं उसके दोनों बेटों मंजेश और संजेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्या हुआ पूरे मामले में?
जानकारी के अनुसार, किशोरी की मां पूजा ने अपनी बेटी स्वीटी को तबीयत खराब होने पर गांव के ही पुजारी परमेश्वरदीन के पास इलाज के लिए ले जाया। पूजा को उम्मीद थी कि झाड़-फूंक से बच्ची स्वस्थ हो जाएगी, लेकिन वहां पहुंचते ही बच्ची को कथित उपचार के नाम पर अमानवीय यातनाओं का सामना करना पड़ा। 1 अप्रैल की देर शाम को तांत्रिक ने बच्ची के साथ मारपीट की, जबकि मां को दूर कर दिया गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि आरोपी बच्ची की चोटी पकड़कर उसे खींचता और पीटता रहा।
गर्दन पर गंडासा, पीड़ा और डर का खौफ
वीडियो में सबसे भयावह दृश्य तब सामने आया जब आरोपी ने बच्ची की गर्दन पर धारदार गंडासा (बांका) रगड़ना शुरू किया। इसके अलावा उसके बेटे भी पीछे नहीं रहे और किशोरी को थप्पड़ों और घूंसों से लगातार पीटा। बच्ची दर्द में चीखती रही, लेकिन तांत्रिक और उसके बेटों ने किसी भी तरह का दया भाव नहीं दिखाया। पीड़िता की मां का कहना है कि जब वह अपनी बेटी को बचाने दौड़ी तो आरोपी और उसके बेटों ने उसे गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। इस बेरहमी में किशोरी गंभीर चोटों के साथ गहरे मानसिक सदमे में है।
यह हरदोई वाले ओझा बाबा है इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज है अब विवेचना के बाद इनकी फर्जी झाड़ फूंक संस्था बंद होने वाली है और अपने किए की सजा पाने वाले हैं… pic.twitter.com/k4aS76nXBq
— Ajay Kumar Dwivedi… (@AjayDwi65357304) April 6, 2026
सोशल मीडिया ने पकड़ा मामला, पुलिस ने शुरू की जांच
जैसे ही वीडियो वायरल हुआ, इलाके में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और पुलिस हरकत में आई। थानाध्यक्ष ने बताया कि वायरल वीडियो को सबूत के तौर पर जांच में शामिल किया गया है। आरोपी पुजारी और उसके बेटों के खिलाफ आईपीसी की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि इस मामले में किसी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और जांच में सहयोग करें। घटना ने न केवल स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि पूरे राज्य में अंधविश्वास के खिलाफ चेतावनी का संदेश भी दिया है।
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