ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच एक महीने से जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर चौंकाने वाला बयान दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “PM मोदी और मैं दो ऐसे लोग हैं जो काम पूरा कर दिखाते हैं, जो ज्यादातर लोगों के बारे में नहीं कहा जा सकता।” यह बयान अमेरिकी दूतावास ने भारत में अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर शुक्रवार को पोस्ट किया। ट्रंप ने भारत और अमेरिका के रिश्तों को मजबूत बताते हुए कहा कि यह साझेदारी भविष्य में और भी मजबूती हासिल करेगी।
ईरान जंग के बाद पहली भारत-अमेरिका बातचीत
डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान प्रधानमंत्री मोदी के साथ मंगलवार को हुई टेलीफोन बातचीत के तुरंत बाद आया। यह दोनों नेताओं की पहली बातचीत थी जब मिडिल ईस्ट में जंग की स्थिति लगातार बढ़ रही थी। बातचीत में दोनों ने मध्य पूर्व की वर्तमान स्थिति, क्षेत्रीय स्थिरता और महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर चर्चा की। अधिकारियों के अनुसार, दोनों नेताओं ने आपसी संपर्क बनाए रखने और शांति बहाली के प्रयासों को तेज करने पर सहमति जताई।
पीएम मोदी का शांति पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के बाद ट्वीट कर स्पष्ट किया कि भारत शांति और स्थिरता बनाए रखने के प्रयासों में सक्रिय रहेगा। उन्होंने कहा, “पश्चिम एशिया की स्थिति पर उपयोगी चर्चा हुई। भारत डी-एस्केलेशन और जल्द से जल्द शांति बहाली का समर्थन करता है। होर्मुज स्ट्रेट को खुला, सुरक्षित और सुलभ रखना पूरे विश्व के लिए जरूरी है।” मोदी ने यह भी बताया कि भारत और अमेरिका क्षेत्रीय शांति और समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार संपर्क में रहेंगे।
भारत शांति प्रयासों में अहम भूमिका निभा सकता है
गौरतलब है कि भारत इस जंग में सीधे शामिल नहीं है, लेकिन अमेरिका, ईरान और इजरायल के साथ उसके अच्छे संबंध उसे मध्यस्थ के रूप में मजबूती देते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत की पहल डी-एस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण हो सकती है। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब मिडिल ईस्ट में जंग ने वैश्विक तेल की कीमतों और व्यापार पर असर डाला है, इसलिए भारत की शांतिप्रिय भूमिका का महत्व और बढ़ गया है।
