UP News: उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले से शुक्रवार की सुबह एक दुखद घटना सामने आई, जिसने लोगों के बीच चिंता और आक्रोश दोनों को जन्म दिया। लाल सराय पानी की टंकी के पास स्थित भारत गैस एजेंसी पर सुबह 6:30 बजे लाइन में खड़े 75 वर्षीय मुख्तार अंसारी अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। तत्काल मौके पर मौजूद लोग उनकी मदद के लिए दौड़े और सीपीआर व हार्ट पंप के जरिए उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन अस्पताल ले जाते समय उनका निधन हो गया। इस घटना ने स्थानीय लोगों में भय और गहरी चिंता पैदा कर दी है। परिजनों के अनुसार, मुख्तार अंसारी पहले से ही स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। घर में खाना बनाने के लिए LPG गैस का स्टॉक पूरी तरह खत्म हो चुका था, इसलिए उन्होंने सुबह खुद एजेंसी जाकर लाइन में खड़े होने का निर्णय लिया। उनका परिवार कहता है कि कभी भी पहले ऐसी किल्लत या चक्कर नहीं पड़ते थे, लेकिन इस बार बुकिंग के बाद भी लाइन में लंबा इंतजार करना पड़ा।
मौत की वजह और स्वास्थ्य की स्थिति
स्थानीय लोगों ने बताया कि मुख्तार अंसारी की हालत अचानक बिगड़ गई और वह गिर पड़े। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने तुरंत परिजनों और पुलिस को सूचना दी। परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। यह घटना न सिर्फ परिवार के लिए बल्कि पूरे इलाके के लोगों के लिए शॉकिंग रही। स्थानीय निवासी अब प्रशासन से पुराने समय की तरह बेहतर और सुनिश्चित गैस आपूर्ति बहाल करने की मांग कर रहे हैं। बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए लंबी लाइन में खड़े रहना जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे में गैस किल्लत के बीच उनके स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। फर्रुखाबाद की यह घटना देश के अन्य हिस्सों में बढ़ती गैस संकट की चिंताओं को और गहरा कर रही है।
पंजाब में भी हुई एक मौत, बढ़ता संकट
यूपी की घटना के कुछ ही दिन पहले पंजाब के बरनाला जिले में भी इसी तरह की दुखद घटना हुई थी। लाइन में लगे 66 वर्षीय भूषण कुमार मित्तल की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। इस तरह लगातार आने वाली घटनाओं ने साफ कर दिया है कि पूरे देश में LPG की किल्लत गंभीर स्तर पर पहुंच गई है।
लोगों का कहना है कि केवल स्थानीय प्रशासन की बातें काफी नहीं हैं। वास्तविकता यह है कि कई जगह लोग बुकिंग करने के बाद भी घंटों लाइन में खड़े रह जाते हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों से आती तस्वीरें और वीडियो इस आपूर्ति संकट को उजागर कर रही हैं। विशेषज्ञ और नागरिक दोनों ही इस बात को लेकर सवाल उठा रहे हैं कि क्या सरकार और संबंधित एजेंसियां समय पर पर्याप्त गैस आपूर्ति सुनिश्चित कर पा रही हैं।
जनता का गुस्सा और प्रशासन की चुनौती
स्थानीय लोग अब प्रशासन से तत्काल कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। फर्रुखाबाद के नागरिकों का कहना है कि बुजुर्ग और बीमार लोग रोजाना लंबी लाइन में खड़े नहीं हो सकते। प्रशासन को चाहिए कि वे घर-घर गैस की आपूर्ति और डिजिटल बुकिंग को सुनिश्चित करें। साथ ही, ऐसे बुजुर्गों के लिए प्राथमिकता की सुविधा दी जाए ताकि कोई और जानमाल की हानि न हो। इस संकट ने देशभर में एक बड़ी चेतावनी दी है कि घरेलू गैस की आपूर्ति में व्यवधान गंभीर परिणाम ला सकता है। यह सिर्फ एक व्यक्तिगत दुर्घटना नहीं है, बल्कि पूरे सिस्टम की कमजोरी को उजागर करता है।
Read More-रसोई गैस पर बड़ा झटका! यूपी में LPG के नए रेट जारी, आपके शहर में सिलेंडर कितने का हुआ?
