Mumbai News: सपनों के शहर मुंबई से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने प्रेम, विश्वास और सुरक्षा के दावों पर गहरा सवाल खड़ा कर दिया है। नवी मुंबई के एक प्रतिष्ठित कॉलेज से मास्टर ऑफ डेंटल सर्जरी (MDS) की पढ़ाई कर रही 24 वर्षीय छात्रा स्तुति सोनावने अब इस दुनिया में नहीं हैं। लेकिन जाने से पहले उन्होंने 6 पन्नों का एक ऐसा सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसे पढ़कर पुलिस प्रशासन से लेकर आम जनता तक की रूह कांप गई है। इस नोट में स्तुति ने अपने प्रेमी मोहम्मद फैजुल खान की प्रताड़ना और शक की उस हद का जिक्र किया है, जिसने एक हंसती-खेलती डॉक्टर बिटिया को मौत को गले लगाने पर मजबूर कर दिया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि स्तुति ने अपने नोट में देश के चर्चित ‘श्रद्धा वालकर’ हत्याकांड का जिक्र करते हुए अपनी जान का खतरा बताया था।
कमरे का दरवाजा टूटा तो सामने था खौफनाक मंजर: माता-पिता के उड़ गए होश
Mumbai के एंटॉप हिल इलाके में रहने वाली स्तुति सोनावने एक मेधावी छात्रा थी और अपने परिवार के साथ रहती थी। रोज की तरह परिवार को लगा कि वह अपनी पढ़ाई में व्यस्त होगी, लेकिन जब 11 मार्च की सुबह 11 बजे तक उसके कमरे की कुंडी नहीं खुली, तो परिजनों की धड़कनें तेज हो गईं। काफी आवाज देने के बाद भी जब अंदर से कोई हलचल नहीं हुई, तो पिता और बहन ने मिलकर दरवाजा तोड़ा। अंदर का नजारा देख उनकी चीख निकल गई; स्तुति दुपट्टे के सहारे फंदे से लटकी हुई थी। आनन-फानन में उसे सायन अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे ‘ब्रॉट डेड’ घोषित कर दिया। घर की तलाशी के दौरान पुलिस को जो मिला, वह महज एक कागज का टुकड़ा नहीं बल्कि एक मरती हुई लड़की की चीख थी—6 पन्नों का सुसाइड नोट।
सुसाइड नोट का वो पन्ना जिसने हिला दिया देश: “दोस्त कहते थे फ्रिज में मिलेगी लाश”
Mumbai पुलिस को मिले सुसाइड नोट में स्तुति ने अपने और प्रेमी मोहम्मद फैजुल खान के रिश्तों की परतों को खोला है। सबसे विचलित करने वाला हिस्सा वह था जहाँ स्तुति ने श्रद्धा वालकर और आफताब पुनावाला केस का संदर्भ दिया। स्तुति ने लिखा, “मेरे दोस्त अक्सर मुझसे कहते थे कि स्तुति हमें अच्छा नहीं लगेगा अगर तुम्हारी लाश हमें किसी फ्रिज में मिले। उस वक्त मैं कहती थी कि हर कोई आफताब जैसा नहीं होता, लेकिन आज महसूस हो रहा है कि वे सब सही थे… बिल्कुल सही।” नोट के मुताबिक, फैजुल न केवल स्तुति के चरित्र पर भद्दे आरोप लगाता था, बल्कि खुद ऑनलाइन डेटिंग साइट्स पर सक्रिय रहकर उसे धोखा भी दे रहा था। स्तुति ने लिखा कि वह फैजुल के प्यार में इस कदर अंधी थी कि उसने उसकी हर गलती को नजरअंदाज किया, लेकिन बदले में उसे सिर्फ मानसिक टॉर्चर और जलालत मिली।
शक की सनक और चरित्र पर वार: एक होनहार डॉक्टर की मानसिक हत्या
एक तरफ स्तुति अपनी मेडिकल की पढ़ाई में करियर बनाने की कोशिश कर रही थी, वहीं दूसरी तरफ उसका प्रेमी फैजुल खान उसके चरित्र पर बार-बार सवाल उठाकर उसे मानसिक रूप से तोड़ रहा था। सुसाइड नोट के अनुसार, फैजुल की शक करने की आदत इस कदर बढ़ गई थी कि स्तुति का घर से बाहर निकलना या किसी से बात करना भी गुनाह बन गया था। वह उस पर भद्दी टिप्पणियां करता था और उसे यह अहसास दिलाता था कि वह गलत है। एक डॉक्टर छात्रा, जो समाज की सेवा करने का सपना देख रही थी, वह खुद के ही घर के कमरे में एक कैदी जैसी मानसिक स्थिति में पहुंच गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह ‘गैसलाइटिंग’ और ‘इमोशनल एब्यूज’ का चरम स्तर था, जहाँ पीड़ित को लगने लगता है कि अब मौत ही एकमात्र रास्ता है।
फैजुल खान के खिलाफ केस दर्ज, क्या मिलेगी कड़ी सजा?
एंटॉप हिल पुलिस ने सुसाइड नोट और परिजनों के बयानों के आधार पर वर्ली निवासी आरोपी मोहम्मद फैजुल खान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब स्तुति और फैजुल के मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड्स और सोशल मीडिया गतिविधियों की बारीकी से जांच कर रही है। सुसाइड नोट में लिखे गए एक-एक शब्द को सबूत के तौर पर कोर्ट में पेश किया जाएगा। परिजनों की मांग है कि फैजुल को कड़ी से कड़ी सजा मिले ताकि किसी और ‘स्तुति’ को अपनी जान न गंवानी पड़े। इस मामले ने एक बार फिर इंटर-फेथ रिश्तों में बढ़ती असुरक्षा और ‘टॉक्सिक रिलेशनशिप’ के खतरों पर बहस छेड़ दी है।
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