मिडल ईस्ट से इस वक्त की सबसे दहला देने वाली खबर सामने आ रही है। शनिवार, 28 फरवरी 2026 की सुबह इजरायल ने अमेरिका के साथ मिलकर ईरान की राजधानी तेहरान पर एक ऐसा हमला किया है जिसने पूरी दुनिया को स्तब्ध कर दिया है। चश्मदीदों के अनुसार, तेहरान के रिपब्लिक और यूनिवर्सिटी स्ट्रीट जैसे रिहायशी और रणनीतिक इलाकों में एक के बाद एक तीन जोरदार धमाके हुए, जिनकी गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। फार्स न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी सुरक्षा बल तुरंत मौके पर पहुंचे हैं, लेकिन तबाही का मंजर इतना भयानक है कि अभी नुकसान का सटीक अंदाजा लगाना मुश्किल है। इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने इसे एक ‘प्रिवेंटिव स्ट्राइक’ यानी पहले से सोचा-समझा हमला बताया है। इस हमले के तुरंत बाद पूरे इजरायल में ‘विशेष और स्थायी आपातकाल’ (Special and Permanent Emergency) लागू कर दिया गया है। तेल अवीव से लेकर यरूशलेम तक सायरन की आवाजें गूंज रही हैं, जिससे साफ है कि यह युद्ध अब एक नए और विनाशकारी दौर में प्रवेश कर चुका है।
सुप्रीम लीडर खामेनेई ‘अंडरग्राउंड’, IRGC के मुख्यालयों पर सीधा निशाना
इस हमले की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली अपडेट यह है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को आनन-फानन में तेहरान से हटाकर किसी अज्ञात और बेहद सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है। रॉयटर्स के हवाले से एक ईरानी अधिकारी ने पुष्टि की है कि नेतृत्व को बचाने के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य था। सूत्रों का दावा है कि इस संयुक्त हमले में इजरायल और अमेरिका ने विशेष रूप से इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के इंटेलिजेंस विभाग और मुख्य कमांड सेंटरों को निशाना बनाया है। तेहरान के बीचों-बीच स्थित सैन्य ठिकानों पर हुए इन मिसाइल हमलों ने ईरान के रक्षा तंत्र की कमर तोड़ दी है। अमेरिका की इस युद्ध में सीधी भागीदारी ने ईरान को बैकफुट पर धकेल दिया है, लेकिन ईरान की चुप्पी किसी बड़े और खौफनाक पलटवार का संकेत भी हो सकती है। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच पहले से ही जारी तनाव ने इस स्थिति को और भी जटिल बना दिया है, जिससे वैश्विक स्तर पर महायुद्ध का खतरा मंडराने लगा है।
इजरायल में पसरा सन्नाटा: तेल अवीव हाई अलर्ट पर, उड़ानें रद्द
ईरान पर हमले के तुरंत बाद इजरायल के भीतर भी हड़कंप मच गया है। बेन गुरियन एयरपोर्ट को पूरी तरह बंद कर दिया गया है और सभी घरेलू व अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने टेलीग्राम पर एक आधिकारिक बयान जारी कर देश के सभी नागरिकों को बंकरों और सुरक्षित स्थानों के करीब रहने की हिदायत दी है। पूरे देश में सामान्य कामकाज रोक दिया गया है; स्कूल, कॉलेज और बाजार बंद हैं और किसी भी तरह की भीड़ जमा करने पर सख्त पाबंदी लगा दी गई है। इजरायली सेना ने स्पष्ट किया है कि देश में बज रहे सायरन किसी भी संभावित ईरानी जवाबी मिसाइल हमले की पूर्व चेतावनी हैं। तेल अवीव की सड़कें, जो कभी चहल-पहल से भरी रहती थीं, आज वीरान हैं और हवा में केवल सायरन और लड़ाकू विमानों की आवाजें तैर रही हैं। लोगों के बीच दहशत का माहौल है क्योंकि अमेरिका और इजरायल की इस संयुक्त कार्रवाई ने दुश्मन को उकसाने का काम किया है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ सकता है।
क्या मानवता तीसरे विश्व युद्ध की दहलीज पर है?
आज के इस हमले ने दुनिया के शक्ति संतुलन को पूरी तरह हिला कर रख दिया है। एक तरफ एशिया में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जंग जारी है, तो दूसरी तरफ मिडल ईस्ट में दुनिया की दो सबसे बड़ी ताकतों (अमेरिका और इजरायल) ने ईरान को सीधे युद्ध की चुनौती दे दी है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल एक सैन्य ऑपरेशन नहीं, बल्कि एक बड़े ‘ग्लोबल वॉर’ का ट्रिगर हो सकता है। यदि ईरान अब रूस या चीन से मदद मांगता है, तो यह संघर्ष पूरी पृथ्वी को अपनी चपेट में ले लेगा। कच्चे तेल की कीमतें आसमान छूने लगी हैं और शेयर बाजार धराशायी हो रहे हैं। क्या अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस आग को बुझाने में कामयाब होगा या हम एक ऐसे परमाणु युद्ध की ओर बढ़ रहे हैं जहाँ से वापसी का कोई रास्ता नहीं बचेगा? फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें तेहरान के अगले कदम पर टिकी हैं, जहाँ धुआं अभी थमा नहीं है और डर की लहर पूरी दुनिया में फैल चुकी है।
