महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का निधन 28 जनवरी को एक दर्दनाक प्लेन क्रैश में हुआ। हादसा उस समय हुआ जब वह मुंबई से बारामती जा रहे थे। अजित पवार के साथ विमान में उनके पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर, एक अटेंडेंट और दो क्रू मेंबर—पायलट इन-कमांड और फर्स्ट ऑफिसर सवार थे। सभी पांचों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की खबर जैसे ही सामने आई, राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई।
इस हादसे से ठीक पहले अजित पवार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक भावपूर्ण पोस्ट किया था। उन्होंने महान स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी। ट्वीट में उन्होंने लिखा था, “देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले, महान स्वतंत्रता सेनानी, स्वराज्य के अग्रदूत, पंजाब केसरी लाला लाजपत राय जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन! उनकी देशभक्ति हमें सदैव प्रेरित करती रहेगी।”
यह पोस्ट सुबह 8.57 बजे की गई थी, और इसी समय अजित पवार विमान में सवार थे। हालांकि अब यह ट्वीट उनके एक्स पेज से हट चुका है। सोशल मीडिया यूजर्स इसे उनके अंतिम शब्दों के रूप में साझा कर रहे हैं, जिससे हादसे की दुखद टीस और बढ़ गई है।
हादसे का पूरा विवरण और विमान में सवार लोग
अजित पवार का प्राइवेट जेट से मुंबई से बारामती आना जारी था। वह जिला परिषद और पंचायत समितियों के चुनावों के बीच एक सार्वजनिक बैठक में भाग लेने वाले थे। प्लेन में उनके अलावा कुल चार लोग मौजूद थे—एक पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर, एक अटेंडेंट और दो क्रू मेंबर।
हादसे के तुरंत बाद महाराष्ट्र पुलिस और दमकल विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची। शुरुआती रिपोर्ट्स में बताया गया कि विमान तकनीकी खराबी या मौसम की वजह से दुर्घटनाग्रस्त हुआ। हालांकि पूरी जांच के बाद ही हादसे के कारणों का पता चलेगा। राजनीतिक गलियारों में अब अजित पवार की अचानक मौत ने गहरा शोक फैला दिया है।
महाराष्ट्र सरकार ने हादसे के बाद 28 जनवरी को प्रदेश में शोक दिवस घोषित किया। इसके अलावा कई वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री घटनास्थल पर पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की।
अजित पवार के आखिरी सरकारी पोस्ट और योजनाएं
अजित पवार के आखिरी पोस्ट के अनुसार, उन्होंने मंगलवार 27 जनवरी को मुंबई में एक हाईलेवल मीटिंग के बाद कई योजनाओं की घोषणा की थी। इसमें उन्होंने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में ‘पीएम सेतु’ योजना लागू करने का उल्लेख किया, जिससे युवाओं को रोजगार और प्रशिक्षण में मदद मिलेगी।
इसके अलावा उन्होंने ट्रेड्स रिसीवेबल डिस्काउंटिंग सिस्टम (TReDS Platform) शुरू करने की बात कही थी, ताकि छोटे और मध्यम ठेकेदारों को लंबित भुगतान में राहत मिल सके। धुले में जवाहर शेकतरी सहकारी सुतगिरनी के पुनरुद्धार और सरकारी भूमि के पट्टों की अवधि विस्तार जैसी घोषणाएं भी की गई थीं।
अजित पवार की ये योजनाएं उनकी दूरदर्शिता और समाजसेवा की भावना को दर्शाती हैं। उनके निधन के बाद अब इन योजनाओं को पूरी तरह लागू करना सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं
अजित पवार के निधन पर महाराष्ट्र और देशभर में शोक की लहर है। राजनीतिक पार्टियों ने ट्वीट और बयान जारी कर उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि अजित पवार एक मेहनती, दूरदर्शी और जनता के लिए समर्पित नेता थे।
सोशल मीडिया पर उनके आखिरी ट्वीट को श्रद्धांजलि के रूप में साझा किया जा रहा है। लोग उनकी देशभक्ति और योजनाओं की सराहना कर रहे हैं। हादसे के बाद महाराष्ट्र सरकार ने कड़ी सुरक्षा और जांच के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
हादसे के दौरान विमान में मौजूद सभी लोगों की मौत ने राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में शोक के साथ-साथ गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। जांच के नतीजे आने के बाद ही हादसे के कारणों और जिम्मेदारी का सही अनुमान लगाया जा सकेगा।
