पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को जारी है और पूरे राज्य में मतदान को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। सुबह से ही कई बूथों पर लंबी कतारें लग गईं, जहां मतदाता अपने वोट का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसी बीच पानीहाटी विधानसभा सीट से भाजपा (BJP) उम्मीदवार रत्ना देबनाथ ने वोट डालने के बाद एक गंभीर शिकायत की, जिससे चुनावी माहौल में हलचल बढ़ गई। मतदान प्रक्रिया के दौरान ईवीएम को लेकर उठे इस सवाल ने चर्चा तेज कर दी है।
BJP उम्मीदवार का दावा
BJP उम्मीदवार रत्ना देबनाथ, जो आरजी कर बलात्कार-हत्या पीड़िता की मां भी हैं, ने आरोप लगाया कि ईवीएम ठीक से काम नहीं कर रही है।
उन्होंने कहा कि वोटिंग मशीन का बटन दबाने में समय लग रहा है और मशीन का रिस्पॉन्स धीमा है। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस समस्या की जानकारी चुनाव अधिकारियों को देने की बात कही है। उनके इस बयान के बाद मतदान केंद्र पर मौजूद लोगों के बीच भी कुछ देर के लिए असमंजस की स्थिति बन गई।
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 | पानीहाटी: आरजी कर मेडिकल कॉलेज रेप और मर्डर पीड़िता की मां और पानीहाटी सीट से BJP उम्मीदवार रत्ना देबनाथ ने कहा, “हम जीतेंगे, हमें न्याय मिलेगा। लोग हमें वोट देंगे।” https://t.co/ADeUwuvnwS pic.twitter.com/lJ5jp76nEW
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 29, 2026
TMC पर भी किया हमला
रत्ना देबनाथ को भाजपा (BJP) ने पानीहाटी सीट से उम्मीदवार बनाया है। उनका नामांकन उस समय चर्चा में आया था जब पार्टी के वरिष्ठ नेता स्मृति ईरानी समेत कई बड़े नेता उनके साथ मौजूद थे। उन्होंने नामांकन के बाद टीएमसी (TMC) सरकार पर भी हमला करते हुए राज्य में महिलाओं की सुरक्षा को मुख्य मुद्दा बताया था। उनका कहना है कि उनका लक्ष्य बंगाल में बदलाव लाना और महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करना है। आरजी कर मामले से जुड़ी भावनात्मक पृष्ठभूमि के कारण यह सीट पहले से ही काफी संवेदनशील मानी जा रही है।
मतदान में रिकॉर्ड भागीदारी
बंगाल चुनाव के दूसरे चरण में कुल 142 सीटों पर वोटिंग हो रही है। इस चरण में 3.21 करोड़ से अधिक मतदाता 1448 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला कर रहे हैं। निर्वाचन आयोग के अनुसार, इनमें पुरुष, महिला और थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। पहले चरण में रिकॉर्ड 93.2 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था, जिससे दोनों प्रमुख दलों टीएमसी और बीजेपी में मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है। अब सभी की नजर 4 मई को होने वाली मतगणना पर टिकी हुई है, जहां चुनावी नतीजे तय करेंगे कि सत्ता की दिशा किस ओर जाएगी।
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