आज सुबह महाराष्ट्र के पुणे जिले के बारामती से एक ऐसी खबर आई जिसने हर किसी के रोंगटे खड़े कर दिए। सुबह के करीब 8:45 बजे थे, जब आसमान में उड़ता हुआ एक निजी विमान लैंडिंग के लिए नीचे आ रहा था। चश्मदीदों के अनुसार, विमान रनवे के बेहद करीब था, तभी अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया। देखते ही देखते विमान जमीन से टकराया और एक जोरदार धमाके के साथ उसमें भयंकर आग लग गई। काले धुएं का गुबार इतना ऊंचा था कि कई किलोमीटर दूर से उसे देखा जा सकता था। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सामान्य तकनीकी खराबी एक बड़ी त्रासदी में बदल जाएगी।
हादसे में अजित पवार समेत 6 की मौत
जैसे ही प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं, खबर मिली कि इस विमान में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार सवार थे। वे मुंबई से बारामती एक चुनावी जनसभा को संबोधित करने के लिए आ रहे थे। इस दिल दहला देने वाले हादसे में अजित पवार समेत विमान में मौजूद सभी 6 लोगों का निधन हो गया है। बताया जा रहा है कि प्लेन में दो पायलट और पवार के निजी स्टाफ के सदस्य भी शामिल थे। आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को भी बचने का मौका नहीं मिला। अजीत पवार की मौत की खबर ने न केवल उनके परिवार को, बल्कि पूरे महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारे को स्तब्ध कर दिया है।
जांच के घेरे में सुरक्षा और तकनीक
विमान हादसे की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री कार्यालय और दिल्ली तक हलचल तेज हो गई है। पुलिस की भारी तैनाती के साथ-साथ नागरिक उड्डयन विभाग (DGCA) की एक विशेष टीम जांच के लिए बारामती पहुंच चुकी है। फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि हादसे की असली वजह क्या थी। क्या यह इंजन की खराबी थी या फिर पायलट को लैंडिंग के वक्त सिग्नल समझने में कोई दिक्कत हुई? फोरेंसिक एक्सपर्ट्स मलबे से सबूत जुटा रहे हैं और विमान के ‘ब्लैक बॉक्स’ की तलाश की जा रही है। जांच टीम इस बात पर भी गौर कर रही है कि क्या वीवीआईपी विमान की उड़ान से पहले सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था।
महाराष्ट्र की राजनीति में कभी न भरने वाला शून्य
अजित पवार के निधन की खबर फैलते ही बारामती में सन्नाटा पसर गया है। दुकानों ने अपने शटर गिरा दिए हैं और सड़कों पर केवल पुलिस की गाड़ियां दौड़ रही हैं। उनके हजारों समर्थक भारी मन से उनके आवास और घटना स्थल की ओर बढ़ रहे हैं, जिसे देखते हुए प्रशासन ने धारा 144 लागू कर दी है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अजित पवार का जाना महाराष्ट्र की राजनीति के एक युग का अंत है। वे एक कद्दावर नेता और कुशल प्रशासक थे। फिलहाल पूरे राज्य में राजकीय शोक की घोषणा की तैयारी चल रही है और प्रधानमंत्री समेत देश के बड़े नेताओं ने इस अपूरणीय क्षति पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
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