उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से एक बड़ा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस कस्टडी में रखा गया पॉक्सो एक्ट का आरोपी इलाज के दौरान अस्पताल से फरार हो गया। यह घटना प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू (SRN) अस्पताल की बताई जा रही है, जहां आरोपी जलालुद्दीन को इलाज के लिए लाया गया था। बताया जा रहा है कि उसे प्रतापगढ़ जिला कारागार से 20 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस दौरान उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी दो पुलिसकर्मियों पर थी, लेकिन उनकी कथित लापरवाही के चलते आरोपी मौका पाकर अस्पताल से भाग निकला। इस घटना के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।
ड्यूटी में लापरवाही पर सिपाहियों पर गिरी गाज
घटना सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन ने तुरंत सख्त कदम उठाए हैं। प्रतापगढ़ के पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आरोपी की सुरक्षा में तैनात दोनों सिपाहियों मगन शर्मा और अनुज कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इतना ही नहीं, मानिकपुर थाना प्रभारी की तहरीर के आधार पर प्रयागराज की नगर कोतवाली में एक केस भी दर्ज किया गया है। इस FIR में फरार आरोपी जलालुद्दीन के साथ-साथ दोनों सिपाहियों को भी नामजद किया गया है। पुलिस विभाग का कहना है कि यह गंभीर लापरवाही का मामला है, जिससे विभाग की छवि पर सवाल खड़े हुए हैं। अब इस पूरे मामले की विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
फरार आरोपी की तलाश में पुलिस की दबिश
आरोपी के फरार होने के बाद पुलिस ने तुरंत उसकी तलाश शुरू कर दी है। प्रतापगढ़ और प्रयागराज पुलिस की संयुक्त टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस ने कई जगहों पर छापेमारी की है, लेकिन अभी तक जलालुद्दीन का कोई सुराग नहीं लग सका है। पुलिस का दावा है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि वह अस्पताल से भागने में कैसे सफल हुआ और क्या इसमें किसी और की भूमिका भी शामिल थी। इस घटना ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और कस्टडी सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सिस्टम पर उठे सवाल और जांच की सख्ती
इस पूरे मामले ने पुलिस विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर आरोपी कस्टडी से फरार हो गया, वहीं दूसरी ओर उसकी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी अस्पताल में मौजूद रहते हुए भी उसे रोक नहीं पाए। इस लापरवाही को विभागीय स्तर पर गंभीर माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। स्थानीय लोगों और कानूनी विशेषज्ञों का भी कहना है कि ऐसे मामलों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। फिलहाल पुलिस की टीमें आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं।
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