77वें गणतंत्र दिवस की परेड में उत्तर प्रदेश की झांकी ने लोगों का खास ध्यान खींचा। जैसे ही झांकी कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ी, दर्शकों की नजरें उसी पर टिक गईं। झांकी की थीम ‘बुंदेलखंड की शाश्वत भव्यता’ रखी गई थी। झांकी के सबसे आगे एकमुखी शिवलिंग का बड़ा और सुंदर चित्रण दिखाया गया, जो कालिंजर की प्रसिद्ध धरोहरों में से एक है। यह दृश्य बुंदेलखंड की गहरी आस्था और धार्मिक परंपरा को दिखा रहा था। लोगों ने तालियां बजाकर झांकी का स्वागत किया। कई दर्शक अपनी सीट से खड़े होकर इस झांकी को देखने लगे। यह साफ दिख रहा था कि उत्तर प्रदेश की यह प्रस्तुति लोगों के दिलों को छू रही है।
बुंदेलखंड की कला और ODOP की झलक
झांकी के बीच वाले हिस्से में बुंदेलखंड की पारंपरिक कला और जीवनशैली को दिखाया गया। यहां मिट्टी के बर्तन बनाने वाले कारीगर, मनकों से गहने तैयार करने वाले शिल्पकार और गांव के हाट-बाजार का दृश्य नजर आया। इन सभी चीजों को वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट यानी ODOP योजना से जोड़ा गया। इससे यह संदेश दिया गया कि उत्तर प्रदेश अपनी पुरानी कला और हुनर को बचाने के साथ-साथ लोगों को रोजगार भी दे रहा है। झांकी का यह हिस्सा बताता है कि कैसे गांवों की कला आज भी जिंदा है और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मदद कर रही है। यह दृश्य खास तौर पर युवाओं और किसानों के लिए प्रेरणादायक रहा।
कालिंजर किला और नीलकंठ महादेव मंदिर बने आकर्षण
उत्तर प्रदेश की झांकी में कालिंजर किले का शानदार और जीवंत चित्रण किया गया। किले के पत्थर के खंभे, नक्काशीदार दरवाजे और उसकी ऐतिहासिक बनावट को बहुत सुंदर तरीके से दिखाया गया था। इसे देखकर ऐसा लग रहा था जैसे असली किला सामने खड़ा हो। झांकी के पीछे की तरफ नीलकंठ महादेव मंदिर का पवित्र दृश्य दिखाया गया, जो बुंदेलखंड के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को दर्शाता है। इस हिस्से ने यह बताया कि उत्तर प्रदेश का इतिहास और आस्था आज भी लोगों के जीवन में खास जगह रखते हैं। झांकी के जरिए प्रदेश ने अपनी हजारों साल पुरानी विरासत को पूरे देश के सामने पेश किया।
लोकनृत्य से लेकर एक्सप्रेसवे तक दिखा नया उत्तर प्रदेश
झांकी में बुंदेली लोक नृत्य करने वाले कलाकारों ने रंग-बिरंगे कपड़ों में शानदार प्रस्तुति दी। उनके नृत्य और संगीत ने झांकी को और आकर्षक बना दिया। इसके बाद झांकी में आधुनिक उत्तर प्रदेश की झलक दिखाई गई। कालिंजर किले से प्रेरित डिजाइन के बीच एक्सप्रेसवे, बड़े उद्योग, आधुनिक सड़कें और नई फैक्ट्रियों के दृश्य दिखाए गए। इससे यह संदेश गया कि उत्तर प्रदेश आज तेजी से विकास कर रहा है। प्रदेश अपनी संस्कृति को संभालते हुए आधुनिकता के साथ आगे बढ़ रहा है। कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश की झांकी ने ‘विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश’ के सपने को कर्तव्य पथ पर साकार रूप में दिखा दिया।
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