मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेनें एक बार फिर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवालों के घेरे में हैं। बदलापुर जाने वाली फास्ट लोकल ट्रेन में हुई एक सनसनीखेज घटना ने हर रोज सफर करने वाले हजारों यात्रियों को झकझोर कर रख दिया है। मोबाइल चोरी का विरोध करना एक युवक को इतना महंगा पड़ा कि वह अपनी जान के साथ-साथ अपना पैर भी गंवा बैठा। यह घटना न सिर्फ एक आपराधिक वारदात है, बल्कि देर रात लोकल ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर पोल भी खोलती है। रेलवे प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी के बावजूद अपराधियों के हौसले इतने बुलंद कैसे हैं, यही सवाल अब आम यात्रियों के मन में उठ रहा है।
मोबाइल छीना और फिर चलती ट्रेन से धक्का
घटना 18 जनवरी 2026 की रात की है। 30 वर्षीय रितेश राकेश येरुणकर, जो ठाणे जिले के बदलापुर पूर्व स्थित आनंद नगर इलाके का रहने वाला है, रोज की तरह काम खत्म कर घर लौट रहा था। रितेश शिवूड़ इलाके में एक निजी मॉल में कपड़ों की दुकान में काम करता है। रात करीब 11 बजे वह ठाणे स्टेशन से बदलापुर जाने वाली फास्ट लोकल ट्रेन में सवार हुआ। ट्रेन में भीड़ कम थी और वह सामान्य रूप से बैठकर सफर कर रहा था।
रेलवे पुलिस के अनुसार, रात लगभग 11:45 बजे जब ट्रेन अंबरनाथ स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 से आगे बढ़ चुकी थी, तभी पास बैठे एक युवक ने अचानक उसके हाथ से मोबाइल फोन छीन लिया। रितेश ने बिना डरे चोरी का विरोध किया और अपना मोबाइल वापस लेने की कोशिश की। इसी दौरान आरोपी ने गुस्से में आकर उसे जोर से धक्का दे दिया। अचानक लगे धक्के से रितेश का संतुलन बिगड़ा और वह चलती ट्रेन से सीधे रेलवे ट्रैक पर गिर पड़ा।
एक पल में पैर कटा, सिर में गंभीर चोट
चलती ट्रेन से गिरते ही रितेश का बायां पैर रेलवे ट्रैक पर आ गया और अगले ही पल ट्रेन का पहिया उसके पैर के ऊपर से गुजर गया। इस भयावह हादसे में उसका पैर घुटने के पास से पूरी तरह कट गया। इसके अलावा सिर के पीछे गहरी चोट आई, चेहरे पर गंभीर जख्म हुए और आंख के आसपास भारी सूजन आ गई। मौके पर मौजूद यात्रियों ने शोर मचाया, जिसके बाद ट्रेन को आगे रोका गया और रेलवे पुलिस को सूचना दी गई।
घटना के तुरंत बाद घायल रितेश को उल्हासनगर सेंट्रल अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उसकी हालत गंभीर देखते हुए मुंबई के केईएम अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिलहाल वह सर्जिकल इमरजेंसी वार्ड में भर्ती है और डॉक्टरों की टीम उसकी जान बचाने की पूरी कोशिश कर रही है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और रितेश के भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
आरोपी गिरफ्तार, यात्रियों में गुस्सा
इस मामले में कल्याण जीआरपी ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी कैलाश बालकृष्ण जाधव को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ चोरी, जानलेवा हमला और अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है कि क्या वह किसी गिरोह का हिस्सा है या पहले भी ऐसी घटनाओं में शामिल रहा है।
घटना के बाद से लोकल ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि देर रात चलने वाली लोकल ट्रेनों में न तो पर्याप्त पुलिस बल रहता है और न ही निगरानी की ठोस व्यवस्था। यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि फास्ट लोकल ट्रेनों में सुरक्षा बढ़ाई जाए, प्लेटफॉर्म और कोचों में सीसीटीवी की संख्या बढ़े और रात के समय पुलिस गश्त को अनिवार्य किया जाए, ताकि कोई और रितेश इस तरह का दर्दनाक हादसा न झेले।
Read more-धमाके की आवाज, पानी में गिरा विमान और फिर चमत्कार!प्रयागराज विमान हादसे का LIVE VIDEO आया सामने
