पाकिस्तान से एक बार फिर भारत के खिलाफ नफरत भरी आवाज सामने आई है। इस बार यह बयान हाफिज सईद के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर आमिर जिया की तरफ से आया है, जिसने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर यानी पीओके में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान खुले मंच से भारत को धमकी दी। आमिर जिया ने अपने भाषण में कश्मीर को लेकर भड़काऊ बयान देते हुए कहा कि भारत उन्हें डराने की कोशिश कर रहा है और पीओके को फतह करने की बातें कर रहा है। उसने भारत की धार्मिक आस्थाओं को निशाना बनाते हुए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया और कहा कि “गाय की पूजा करने वाला हमारा पड़ोसी अब हमें धमकाने लगा है।” इस बयान के जरिए जिया ने न सिर्फ नफरत फैलाने की कोशिश की, बल्कि अपने समर्थकों को उकसाने का भी प्रयास किया। उसके भाषण का मकसद साफ तौर पर माहौल को और ज्यादा तनावपूर्ण बनाना और आतंकवाद को फिर से हवा देना माना जा रहा है।
“कश्मीर को आजाद कराएंगे, पूरे भारत में मचाएंगे तबाही” जैसी गीदड़भभकी
आमिर जिया का बयान यहीं नहीं रुका। उसने खुलेआम कहा कि लश्कर-ए-तैयबा अपनी लड़ाई से पीछे हटने वाला नहीं है और कश्मीर को तथाकथित रूप से “आजाद” कराने का सपना देख रहा है। जिया ने दावा किया कि वह और उसका संगठन पूरे भारत में तबाही मचाने की ताकत रखते हैं। उसने गजवा-ए-हिंद जैसे कट्टरपंथी नारे का जिक्र करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि भारत के खिलाफ तमाम आतंकी और कट्टरपंथी गुट एकजुट हों। इस तरह के बयान पाकिस्तान की उस पुरानी नीति की याद दिलाते हैं, जिसमें आतंकवाद को भारत के खिलाफ एक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है। जानकारों का मानना है कि इस तरह की धमकियां असल में पाकिस्तान के भीतर मौजूद आतंकी संगठनों की हताशा को भी दिखाती हैं, जो हाल के वर्षों में भारत की सख्त कार्रवाई से कमजोर पड़े हैं।
बांग्लादेश का भी लिया नाम, आतंकी नेटवर्क के विस्तार का किया दावा
अपने भड़काऊ भाषण के दौरान आमिर जिया ने कथित तौर पर बांग्लादेश का भी जिक्र किया। उसने दावा किया कि बांग्लादेश में उसकी विचारधारा तेजी से फैल रही है और वहां उसके समर्थक सक्रिय हो रहे हैं। जिया ने हाल ही में मारे गए उस्मान हादी का महिमामंडन करते हुए उसे “शहीद” बताया और कहा कि बांग्लादेश में उनके सहयोगियों को रोकने की कोशिशें नाकाम होंगी। इस बयान ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी है, क्योंकि इससे यह संकेत मिलता है कि आतंकी संगठन अब सिर्फ कश्मीर या पीओके तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि पूरे दक्षिण एशिया में अपना नेटवर्क फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। इस तरह के दावे अक्सर आतंकी संगठनों की प्रचार रणनीति का हिस्सा होते हैं, ताकि नए लड़कों की भर्ती की जा सके और अपने कैडर का मनोबल बढ़ाया जा सके।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद फिर सक्रिय हुए आतंकी गुट
गौरतलब है कि आमिर जिया से पहले भी लश्कर-ए-तैयबा के बहावलपुर चीफ सैफुल्ला सैफ का एक वीडियो सामने आ चुका है, जिसमें उसने भी भारत के खिलाफ जहर उगला था और गजवा-ए-हिंद की बात की थी। सैफ ने उस वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य भारतीय नेताओं को भी निशाना बनाया था। इन बयानों को भारत द्वारा मई 2025 में किए गए ऑपरेशन सिंदूर से जोड़कर देखा जा रहा है। इस ऑपरेशन के तहत भारत ने पाकिस्तान के पंजाब और पीओके में स्थित आतंकी ठिकानों पर सटीक कार्रवाई की थी, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा की कई इमारतें तबाह कर दी गई थीं। खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, इस कार्रवाई के बाद कुछ समय के लिए ये आतंकी संगठन कमजोर पड़े थे, लेकिन अब सात महीने बाद एक बार फिर दोनों गुट सक्रिय होते दिख रहे हैं। एजेंसियों ने अलर्ट जारी करते हुए बताया है कि लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद ने फिर से भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है और अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में आमिर जिया जैसे आतंकियों के भड़काऊ बयान को हल्के में नहीं लिया जा रहा और सुरक्षा एजेंसियां हालात पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।
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