मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है. यहां एक 22 वर्षीय युवक को कथित तौर पर बंधक बनाकर न सिर्फ बेरहमी से पीटा गया, बल्कि उसकी दाढ़ी खींची गई, कैंची से बाल काटे गए और आखिर में जबरन सिर भी मुंडवा दिया गया. यह पूरी घटना किसी सुनसान जगह पर नहीं, बल्कि गांव के लोगों की मौजूदगी में अंजाम दी गई. इस अमानवीय हरकत का वीडियो जब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तब जाकर प्रशासन और पुलिस हरकत में आई. बताया जा रहा है कि यह मामला खिलचीपुर थाना क्षेत्र के दिलावरा गांव से जुड़ा हुआ है. पीड़ित युवक का नाम दुर्गेश तंवर है, जो मानसिक रूप से कमजोर बताया जा रहा है. घटना के बाद सबसे ज्यादा दर्दनाक स्थिति उसकी मां की रही, जो बेटे के लिए न्याय मांगते हुए थानों और अफसरों के दफ्तरों के चक्कर काटती रही.
काम पर गया बेटा, लौटकर नहीं आया—वीडियो ने खोली सच्चाई
पीड़ित युवक की मां सरजू बाई, जो ग्राम सेदरा, खिलचीपुर क्षेत्र की निवासी हैं, ने बताया कि उनका बेटा दुर्गेश शुक्रवार को रोज की तरह काम पर निकला था, लेकिन शाम तक घर नहीं लौटा. पहले तो परिवार को लगा कि वह कहीं रुक गया होगा, लेकिन जब देर रात तक कोई खबर नहीं मिली तो चिंता बढ़ने लगी. इसी बीच एक परिचित व्यक्ति ने उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो दिखाया, जिसमें दुर्गेश के साथ कुछ लोग मारपीट करते, उसकी दाढ़ी खींचते और बाल काटते नजर आ रहे थे. वीडियो देखकर मां के पैरों तले जमीन खिसक गई. वह तुरंत बेटे को ढूंढने और शिकायत दर्ज कराने के लिए निकली. रविवार को सरजू बाई सबसे पहले एसपी कार्यालय पहुंचीं, लेकिन वहां से उन्हें राजगढ़ कोतवाली भेज दिया गया. कोतवाली से फिर ब्यावरा देहात थाना जाने को कहा गया. इस तरह एक मां, जिसका बेटा बंधक बना लिया गया था, न्याय के लिए पूरे दिन भटकती रही, लेकिन तत्काल कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
वीडियो वायरल हुआ तो जागी पुलिस, चोरी के शक में की गई बर्बरता
जब घटना का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और लोगों में आक्रोश फैलने लगा, तब पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया. राजगढ़ पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की और युवक की तलाश शुरू की. राजगढ़ टीआई की टीम खिलचीपुर क्षेत्र से पीड़ित दुर्गेश को सुरक्षित बरामद कर लाई. इस मामले में एसडीओपी खिलचीपुर अरविंद सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि युवक मानसिक रूप से कमजोर है और गलती से दिलावरा गांव पहुंच गया था. वह अपना नाम और पता ठीक से नहीं बता पा रहा था, जिससे ग्रामीणों को उस पर चोरी करने का शक हुआ. इसी शक के आधार पर कुछ लोगों ने कानून हाथ में ले लिया और युवक के साथ मारपीट की. पुलिस का कहना है कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है और इस तरह की बर्बरता किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. वीडियो के आधार पर सभी आरोपियों की पहचान कर ली गई है.
‘हमारी कोई सुनवाई नहीं’—मां का दर्द और आगे की कार्रवाई
पीड़ित की मां सरजू बाई का दर्द उनके शब्दों में साफ झलकता है. उन्होंने कहा, “मेरा बेटा शुक्रवार से लापता था. उसके साथ इतनी मारपीट हुई, लेकिन जब मैं शिकायत करने गई तो मुझे इधर-उधर घुमाया गया. हमारी कोई सुनवाई नहीं हो रही थी.” उनका कहना है कि अगर वीडियो वायरल नहीं होता, तो शायद उनका बेटा आज भी नहीं मिलता. पुलिस अधिकारियों ने अब दावा किया है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है. पीड़ित युवक और उसकी मां के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा. इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि भीड़ द्वारा सजा देने की मानसिकता कितनी खतरनाक होती जा रही है और कमजोर लोगों को सबसे पहले उसका शिकार क्यों बनाया जाता है. फिलहाल पुलिस की कार्रवाई जारी है और प्रशासन पर नजरें टिकी हैं कि दोषियों को कितनी सख्त सजा मिलती है.
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