दुनिया के स्मार्टफोन बाजार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। लंबे समय से टॉप पोजिशन पर काबिज सैमसंग को पीछे छोड़ते हुए ऐप्पल ने खुद को दुनिया की सबसे बड़ी स्मार्टफोन कंपनी के रूप में स्थापित कर लिया है। साल 2025 की आखिरी तिमाही ऐप्पल के लिए बेहद खास रही, जब कंपनी ने मार्केट शेयर के मामले में निर्णायक बढ़त बना ली। आईफोन की लगातार मजबूत होती मांग ने ऐप्पल को इस मुकाम तक पहुंचाया है। खास बात यह है कि यह बढ़त केवल प्रीमियम सेगमेंट तक सीमित नहीं रही, बल्कि बड़ी संख्या में नए यूजर्स भी ऐप्पल इकोसिस्टम से जुड़े। स्मार्टफोन इंडस्ट्री के जानकार मानते हैं कि यह बदलाव अचानक नहीं, बल्कि बीते कुछ सालों की रणनीति और ब्रांड वैल्यू का नतीजा है।
आईफोन 16 और 17 सीरीज ने बना दिया ऐप्पल को बादशाह
स्मार्टफोन ऐप्पल की इस बड़ी कामयाबी के पीछे आईफोन 16 और आईफोन 17 सीरीज की जबरदस्त बिक्री सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है। सितंबर 2025 में लॉन्च हुई आईफोन 17 सीरीज ने आते ही बाजार में धमाल मचा दिया। खासकर इसका बेस मॉडल आईफोन 17, जिसे लोगों ने कीमत और फीचर्स के संतुलन के कारण हाथों-हाथ लिया। कई देशों में यह फोन लंबे समय तक आउट ऑफ स्टॉक रहा, जिससे इसकी लोकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है। वहीं आईफोन 16 का क्रेज भी अब तक कम नहीं हुआ है। भारत में यह 2025 का सबसे ज्यादा बिकने वाला स्मार्टफोन रहा, जिसने ऐप्पल को एक विशाल यूजर बेस दिलाया। इसके अलावा जापान और साउथ ईस्ट एशिया के कई देशों में भी आईफोन की मांग तेजी से बढ़ी है। इन सभी बाजारों से आई मजबूत बिक्री ने ऐप्पल की मार्केट हिस्सेदारी को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया।
सैमसंग ने भी दिखाई ताकत, लेकिन कुछ बाजारों में पिछड़ा
हालांकि ऐप्पल के पीछे-पीछे सैमसंग स्मार्टफोन भी मजबूती से खड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, सैमसंग के पास फिलहाल करीब 19 प्रतिशत का मार्केट शेयर है, जो ऐप्पल से बहुत ज्यादा दूर नहीं है। साल 2025 में सैमसंग स्मार्टफोन की ए-सीरीज, गैलेक्सी एस25 सीरीज और फोल्डेबल सेगमेंट में गैलेक्सी जेड फोल्ड 7 को अच्छा रिस्पॉन्स मिला। इन फोनों ने कंपनी को मिड-रेंज और प्रीमियम दोनों कैटेगरी में मजबूत बनाए रखा। हालांकि, लैटिन अमेरिका और पश्चिमी यूरोप जैसे अहम बाजारों में सैमसंग का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। बढ़ती प्रतिस्पर्धा और लोकल ब्रांड्स की मजबूत पकड़ ने इन क्षेत्रों में सैमसंग की रफ्तार को थोड़ा धीमा किया। इसके बावजूद, कंपनी की मौजूदगी अब भी ग्लोबल स्तर पर बेहद मजबूत मानी जा रही है।
टॉप-5 में छाई चीनी कंपनियां, आगे क्या बदलेगा गेम?
ऐप्पल और सैमसंग स्मार्टफोन के बाद अगर टॉप-5 स्मार्टफोन कंपनियों की बात करें, तो बाकी तीनों नाम चीनी ब्रांड्स के हैं। तीसरे नंबर पर शाओमी है, जिसके पास करीब 13 प्रतिशत मार्केट शेयर है। इमर्जिंग मार्केट्स में शाओमी की पकड़ लगातार मजबूत बनी हुई है, जहां किफायती दाम और अच्छे फीचर्स इसकी सबसे बड़ी ताकत हैं। चौथे और पांचवे स्थान पर क्रमशः वीवो और ओप्पो मौजूद हैं, जो एशिया और अफ्रीका जैसे बाजारों में तेजी से विस्तार कर रही हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले कुछ सालों तक ऐप्पल की बादशाहत को चुनौती देना आसान नहीं होगा, क्योंकि कंपनी की ब्रांड लॉयल्टी और प्रीमियम इमेज बेहद मजबूत है। वहीं सैमसंग और चीनी कंपनियां भी नए इनोवेशन और कीमत की रणनीति के जरिए बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश करती रहेंगी। स्मार्टफोन मार्केट में यह मुकाबला आने वाले समय में और भी दिलचस्प होने वाला है।
Read More-73 गेंदों में उड़ गया 144 का लक्ष्य! RCB की इस पारी ने WPL 2026 में मचा दिया हड़कंप
