UP Police Bharti 2026: उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए साल 2026 की शुरुआत एक बड़ी राहत भरी खबर लेकर आई है। लंबे समय से जिस फैसले का इंतजार किया जा रहा था, उस पर आखिरकार योगी आदित्यनाथ सरकार ने मुहर लगा दी है। यूपी पुलिस भर्ती से जुड़ा यह फैसला न सिर्फ अभ्यर्थियों की उम्मीदों को मजबूत करता है, बल्कि आने वाले समय में भर्ती प्रक्रिया को लेकर नए उत्साह का माहौल भी बनाता है। 32,679 पदों पर होने वाली इस बड़ी भर्ती में आयु सीमा को लेकर जो बदलाव किया गया है, उसने एक बार फिर सरकार की मंशा को साफ कर दिया है।
योगी सरकार का बड़ा दांव, युवाओं को सीधी राहत
उत्तर प्रदेश पुलिस और जेल विभाग में सीधी भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए सरकार ने अधिकतम आयु सीमा में 3 वर्ष की विशेष छूट देने का निर्णय लिया है। यह छूट सभी वर्गों के लिए एक बार के अपवाद के रूप में लागू की गई है। इसका सीधा फायदा उन लाखों उम्मीदवारों को मिलेगा, जो पिछली भर्तियों में आयु सीमा के कारण आवेदन नहीं कर पा रहे थे।
राज्य सरकार द्वारा जारी शासनादेश के अनुसार यह निर्णय आरक्षी नागरिक पुलिस, पीएसी, सशस्त्र पुलिस, विशेष सुरक्षा बल, महिला बटालियन, घुड़सवार पुलिस और जेल वार्डर जैसे पदों पर लागू होगा। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से साफ किया गया है कि यह फैसला पूरी तरह अभ्यर्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि कोई भी योग्य युवा सिर्फ उम्र की वजह से पीछे न रह जाए।
32,679 पदों पर भर्ती, किन-किन को मिलेगा फायदा
इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 32,679 रिक्त पदों को भरा जाना है, जो हाल के वर्षों में यूपी पुलिस की सबसे बड़ी भर्तियों में से एक मानी जा रही है। आयु सीमा में छूट का लाभ पुरुष और महिला दोनों अभ्यर्थियों को मिलेगा। इसमें आरक्षी (पुरुष/महिला), आरक्षी पीएसी, विशेष सुरक्षा बल, महिला बटालियन की महिला आरक्षी, घुड़सवार पुलिस और जेल वार्डर जैसे पद शामिल हैं।
सरकार द्वारा स्पष्ट किया गया है कि यह छूट उत्तर प्रदेश लोक सेवा (भर्ती के लिए आयु सीमा का शिथिलीकरण) नियमावली-1992 के तहत दी जा रही है। यानी यह फैसला पूरी तरह नियमों और कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत लिया गया है। इससे भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी कोई सवाल नहीं उठेगा और चयन प्रक्रिया पहले की तरह निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ेगी।
राजनीतिक दबाव और युवाओं की आवाज बनी वजह
इस फैसले के पीछे युवाओं की लगातार उठती मांग और राजनीतिक स्तर पर किए गए प्रयास भी बड़ी वजह माने जा रहे हैं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित कई जनप्रतिनिधियों ने आयु सीमा में छूट की मांग को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा था। वहीं, भारतीय जनता पार्टी के विधायक शलभमणि त्रिपाठी जैसे नेताओं ने भी अभ्यर्थियों के पक्ष में आवाज उठाई थी। लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं का कहना था कि कोविड काल और भर्तियों में देरी के चलते उनकी उम्र निकलती जा रही है। ऐसे में सरकार का यह फैसला उन अभ्यर्थियों के लिए नई उम्मीद लेकर आया है, जो वर्षों से पुलिस भर्ती का सपना देख रहे थे। माना जा रहा है कि इस निर्णय से न सिर्फ आवेदन संख्या बढ़ेगी, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में ज्यादा प्रतिस्पर्धा भी देखने को मिलेगी।
युवाओं में उत्साह, भर्ती प्रक्रिया को मिलेगी नई रफ्तार
आयु सीमा में 3 वर्ष की छूट के ऐलान के बाद अभ्यर्थियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। सोशल मीडिया से लेकर कोचिंग संस्थानों तक इस फैसले की चर्चा हो रही है। कई उम्मीदवारों का कहना है कि यह फैसला उनके करियर के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है।
सरकार का दावा है कि भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा किया जाएगा, ताकि चयनित अभ्यर्थियों को जल्द से जल्द प्रशिक्षण और नियुक्ति मिल सके। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में भर्ती होने से प्रदेश की कानून-व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
