उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से सामने आया यह मामला न सिर्फ कानून-व्यवस्था बल्कि शैक्षणिक संस्थानों के भीतर बढ़ती असहिष्णुता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। राजकीय मेडिकल कॉलेज के परिसर में पढ़ाई कर रहे एक छात्र को उसके ही सहपाठियों ने कथित तौर पर ‘काफिर’ कहकर धमकाया और बांग्लादेश में अल्पसंख्यक युवक दीपू दास की तरह जलाकर मारने की बात कही। पीड़ित छात्र की शिकायत के बाद पुलिस हरकत में आई और मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। घटना की जानकारी फैलते ही कॉलेज परिसर और आसपास के इलाके में तनाव का माहौल बन गया। छात्रों और अभिभावकों के बीच डर और नाराजगी दोनों साफ नजर आईं। कॉलेज जैसे संवेदनशील और अनुशासित माहौल में इस तरह की भाषा और धमकी ने सभी को झकझोर दिया है।
पीड़ित छात्र का आरोप: लगातार मिल रही थीं धमकियां
मामले में शिकायत दर्ज कराने वाले छात्र मुकेश कुमार, जो फिरोजाबाद के गांव सुजातपुर के रहने वाले हैं, राजकीय मेडिकल कॉलेज की पैरामेडिकल शाखा में ओटी टेक्नीशियन के छात्र हैं। मुकेश का आरोप है कि उनके सहपाठी नजरुद्दीन, नोमान और अफनान पिछले कुछ समय से उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। कभी कॉलेज परिसर में तो कभी छात्रावास के आसपास उन्हें घेरकर गाली-गलौज और मारपीट की जाती थी। मुकेश के अनुसार, आरोपी अक्सर अपनी ‘हनक’ दिखाने के लिए दूसरे छात्रों से भी उलझते रहते थे। 23 दिसंबर को जब उन्होंने इस व्यवहार का विरोध किया, तो आरोपियों ने न सिर्फ मारपीट की बल्कि खुले तौर पर धमकी दी कि जैसे बांग्लादेश में हिंदुओं को मारा जा रहा है, उसी तरह तुझे भी जलाकर मार देंगे।
बांग्लादेश की घटना का हवाला देकर दी गई धमकी
इस पूरे मामले को और गंभीर बना देता है आरोपियों द्वारा बांग्लादेश में हाल ही में हुई अल्पसंख्यक युवक दीपू दास की हत्या का जिक्र। बांग्लादेश में दीपू दास को जिंदा जलाकर मारे जाने की घटना के बाद भारत के कई हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। ऐसे संवेदनशील माहौल में इस घटना का हवाला देकर किसी छात्र को धमकाना नफरत और डर फैलाने की साजिश के रूप में देखा जा रहा है। मुकेश का कहना है कि आरोपी बार-बार उन्हें ‘काफिर’ कहकर अपमानित करते थे और धार्मिक पहचान को निशाना बनाकर डराने की कोशिश करते थे। यह सिर्फ व्यक्तिगत रंजिश नहीं, बल्कि सोच-समझकर दी गई धमकी थी, जिससे कॉलेज का माहौल जहरीला हो गया।
पुलिस कार्रवाई और कॉलेज प्रशासन का सख्त रुख
छात्र की शिकायत के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए नजरुद्दीन, नोमान और अफनान के खिलाफ मामला दर्ज किया। शुरुआती जांच में आरोप सही पाए जाने पर गुरुवार को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है और कानून के तहत सख्त कार्रवाई होगी। वहीं कॉलेज प्रशासन ने भी तेजी दिखाते हुए तीनों छात्रों को 15 दिनों के लिए निलंबित कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की हिंसा, धमकी या सांप्रदायिक टिप्पणी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कॉलेज में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि छात्र बिना डर के पढ़ाई कर सकें।
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