पीएम किसान सम्मान निधि योजना को लेकर एक बार फिर किसानों के बीच चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। साल 2019 में शुरू हुई इस योजना के तहत अब तक 21 किस्तें जारी की जा चुकी हैं और करीब 4.09 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि किसानों के खातों में सीधे ट्रांसफर की जा चुकी है। योजना का मकसद छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहारा देना है। मौजूदा नियमों के अनुसार, पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये मिलते हैं, जो तीन बराबर किस्तों में दिए जाते हैं। लेकिन 22वीं किस्त से पहले यह सवाल जोर पकड़ने लगा कि क्या अब यह रकम बढ़ाकर 12,000 रुपये कर दी जाएगी। सोशल मीडिया और गांव-देहात में चल रही चर्चाओं ने इस कन्फ्यूजन को और बढ़ा दिया, जिससे किसान असमंजस में आ गए कि उन्हें आगे कितनी सहायता मिलेगी।
2024 का सुझाव और उससे जुड़ी उम्मीदें
इस भ्रम की बड़ी वजह दिसंबर 2024 में संसद की एक समिति की ओर से दिया गया सुझाव है। समिति ने महंगाई और खेती की बढ़ती लागत को देखते हुए यह राय दी थी कि पीएम किसान योजना के तहत मिलने वाली सालाना राशि को 6,000 से बढ़ाकर 12,000 रुपये किया जाना चाहिए। इस सुझाव के सामने आते ही किसानों के बीच उम्मीद जगी कि आने वाली किस्तों में उन्हें ज्यादा आर्थिक मदद मिलेगी। खासतौर पर 22वीं किस्त को लेकर यह माना जाने लगा कि सरकार शायद इसी से बढ़ी हुई रकम लागू कर दे। हालांकि, यह सुझाव सिर्फ एक सिफारिश था, जिस पर अंतिम फैसला सरकार को लेना था। इसी वजह से कई किसान यह समझ नहीं पा रहे थे कि सुझाव और सरकारी निर्णय में क्या फर्क है।
सरकार ने साफ किया—राशि में अभी कोई बदलाव नहीं
किसानों के बीच फैल रही इस असमंजस की स्थिति पर सरकार ने अब स्थिति स्पष्ट कर दी है। किसान कल्याण मंत्रालय के राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने साफ कहा है कि फिलहाल पीएम किसान योजना की राशि बढ़ाने का कोई प्रस्ताव सरकार के पास नहीं है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में बताया कि अभी किसानों को सालाना 6,000 रुपये ही मिलते रहेंगे और 22वीं किस्त भी इसी तय राशि के अनुसार जारी की जाएगी। इस बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि 12,000 रुपये की चर्चा फिलहाल केवल सुझाव तक सीमित है। सरकार का कहना है कि किसी भी बदलाव से पहले व्यापक स्तर पर विचार और बजट प्रावधान जरूरी होते हैं, इसलिए किसानों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।
फार्मर आईडी और 22वीं किस्त की संभावित तारीख
इसी बीच किसानों के मन में एक और सवाल है कि क्या पीएम किसान योजना का लाभ लेने के लिए फार्मर आईडी जरूरी हो गई है। इस पर सरकार की स्थिति साफ है कि फार्मर आईडी अभी पूरे देश में अनिवार्य नहीं है। जिन 14 राज्यों में फार्मर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, वहीं इसकी जरूरत है। बाकी राज्यों में किसान बिना फार्मर आईडी के भी योजना का लाभ ले सकते हैं। जहां तक 22वीं किस्त की बात है, पिछली किस्तों के पैटर्न को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि यह किस्त जनवरी 2026 के पहले सप्ताह में किसानों के खातों में ट्रांसफर की जा सकती है। सरकार ने किसानों को सलाह दी है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट और सरकारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें और किसी भी तरह की अफवाह से दूर रहें, ताकि उन्हें योजना का लाभ समय पर मिलता रहे।
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