उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले से जुड़ा यह मामला न सिर्फ हैरान करने वाला है, बल्कि हाईवे पर मौजूद ढाबों और होटलों की साफ-सफाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल भी खड़े करता है। गाजीपुर–वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित एक पुराना और काफी चर्चित ढाबा यात्रियों की पहली पसंद माना जाता रहा है। रोजाना सैकड़ों वाहन चालक, परिवार और लंबी दूरी तय करने वाले यात्री यहां रुककर भोजन करते हैं। लेकिन 18 दिसंबर 2025 को इस ढाबे पर जो हुआ, उसने उसकी साख को पूरी तरह हिला कर रख दिया। कुछ यात्री जब खाना खाने के बाद दही मंगवाते हैं, तो दही की प्लेट में मरा हुआ चूहा देखकर उनके होश उड़ जाते हैं। यह दृश्य इतना घिनौना था कि मौके पर मौजूद लोग सन्न रह गए। यात्रियों का कहना है कि अगर समय रहते उन्होंने ध्यान न दिया होता, तो किसी की तबीयत गंभीर रूप से खराब हो सकती थी। इस घटना ने साफ कर दिया कि ढाबे में साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा के मानकों को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा था।
ग्राहकों का फूटा गुस्सा, मौके पर ही बना वीडियो
दही की प्लेट में मरा हुआ चूहा देखकर ग्राहकों ने तुरंत ढाबे के कर्मचारियों को बुलाया और जोरदार विरोध जताया। कुछ देर में वहां माहौल तनावपूर्ण हो गया। यात्रियों का कहना था कि यह सिर्फ एक गलती नहीं, बल्कि यात्रियों की सेहत के साथ खुला खिलवाड़ है। कई लोगों ने ढाबे के किचन और आसपास की हालत पर भी सवाल उठाए। इसी दौरान किसी ने मोबाइल फोन से दही की प्लेट का वीडियो बना लिया, जिसमें साफ तौर पर मरा हुआ चूहा नजर आ रहा है। वीडियो में ग्राहकों की नाराजगी और कर्मचारियों की घबराहट भी दिख रही है। यह वीडियो कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया गया, जिसके बाद मामला तेजी से फैल गया। फेसबुक, एक्स और व्हाट्सऐप जैसे प्लेटफॉर्म पर वीडियो शेयर होते ही लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। यूजर्स ने ढाबा प्रबंधन को आड़े हाथों लिया और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की। कई लोगों ने लिखा कि हाईवे पर सफर करने वाले आम लोग अक्सर ऐसे ढाबों पर मजबूरी में खाना खाते हैं, ऐसे में इस तरह की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
वायरल वीडियो के बाद प्रशासन हरकत में आया
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने और स्थानीय स्तर पर शिकायत मिलने के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया। विभाग की टीम ने बिना देर किए संबंधित ढाबे पर छापा मारा। जांच के दौरान ढाबे में कई अनियमितताएं सामने आईं। बताया जा रहा है कि किचन में गंदगी, खुले में रखा सामान और कीटों की मौजूदगी के सबूत मिले। खाद्य सुरक्षा के नियमों का पालन न होने पर प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से ढाबे को सीज कर दिया। अधिकारियों ने ढाबे में मौजूद दही, सब्जी, मसाले और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने भी लिए, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ढाबा संचालक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद आसपास के ढाबों और होटलों में भी हड़कंप मच गया है। कई जगहों पर अचानक सफाई अभियान शुरू कर दिए गए हैं, ताकि किसी तरह की शिकायत सामने न आए।
फिलहाल FIR दर्ज नहीं, लेकिन प्रशासन ने सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
गाजीपुर में खाने के साथ घिनौना सच 🤢 |
ढाबे की लापरवाही उजागरयूपी के गाजीपुर-वाराणसी हाईवे स्थित मशहूर सम्राट ढाबे में दही भल्ले की प्लेट में मरा हुआ चूहा निकलने से हड़कंप मच गया।खाना खाते वक्त ग्राहकों ने… pic.twitter.com/HdJhZntBqq
— BitterTruth (@BitterTruth120) December 19, 2025
यात्रियों की सेहत पर सवाल, व्यवस्था पर उठी उंगली
यह मामला सिर्फ एक ढाबे तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि पूरे हाईवे सिस्टम पर सवाल खड़े कर रहा है। रोजाना हजारों लोग गाजीपुर–वाराणसी हाईवे से गुजरते हैं और रास्ते में इन्हीं ढाबों पर भोजन करते हैं। ऐसे में खाने में मरा हुआ चूहा मिलना यह दिखाता है कि कहीं न कहीं नियमित जांच और निगरानी की कमी है। स्थानीय लोगों और यात्रियों का कहना है कि प्रशासन को सिर्फ शिकायत मिलने पर नहीं, बल्कि नियमित अंतराल पर सभी ढाबों और होटलों की जांच करनी चाहिए। इस घटना के बाद कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अपने पुराने अनुभव भी साझा किए हैं, जिसमें उन्होंने खाने की खराब गुणवत्ता और गंदगी की शिकायतें बताईं। विशेषज्ञों का कहना है कि दूषित भोजन से फूड पॉइजनिंग, संक्रमण और गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए इस तरह की घटनाओं को हल्के में नहीं लिया जा सकता। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई से लोगों को कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन सवाल यही है कि क्या आगे ऐसी घटनाओं पर समय रहते रोक लग पाएगी या नहीं।
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