Mexico Plane Crash की यह घटना मेक्सिको के मध्य हिस्से में स्थित सैन मातेओ अतेन्को इलाके में हुई, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया. यह क्षेत्र टोलुका इंटरनेशनल एयरपोर्ट से लगभग पांच किलोमीटर दूर और मेक्सिको सिटी से करीब 50 किलोमीटर पश्चिम में स्थित एक औद्योगिक इलाका है. अधिकारियों के मुताबिक, छोटा निजी विमान अकापुल्को से उड़ान भरकर आ रहा था और उड़ान के दौरान तकनीकी समस्या सामने आने के बाद पायलट ने आपात लैंडिंग का फैसला लिया. विमान जैसे ही नीचे की ओर आया, स्थिति तेजी से बिगड़ती चली गई. आसपास फैक्ट्रियां, गोदाम और व्यावसायिक इमारतें मौजूद थीं, जिससे खतरा कई गुना बढ़ गया. हादसे के वक्त इलाके में लोग रोजमर्रा के काम में जुटे थे, अचानक तेज धमाके की आवाज और आग का गुबार देखकर अफरा-तफरी मच गई. Mexico Plane Crash की शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि ऊंचाई कम होने और रिहायशी-औद्योगिक ढांचे के कारण पायलट को सुरक्षित जगह नहीं मिल पाई।
आपात लैंडिंग की कोशिश और टक्कर का भयावह मंजर
प्रत्यक्षदर्शियों और प्रशासन की जानकारी के अनुसार, विमान के पायलट ने पास में स्थित एक खुले फुटबॉल मैदान पर इमरजेंसी लैंडिंग कराने की कोशिश की. यह मैदान आसपास की इमारतों की तुलना में अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जा रहा था. लेकिन दुर्भाग्य से विमान का संतुलन बिगड़ गया और वह मैदान तक पहुंचने से पहले ही एक व्यावसायिक इमारत की लोहे की छत से जा टकराया. टक्कर इतनी जोरदार थी कि कुछ ही सेकंड में विमान आग के गोले में तब्दील हो गया. जलता हुआ ईंधन आसपास फैल गया, जिससे आग तेजी से फैलती चली गई. आसमान में काले धुएं का घना गुबार उठने लगा, जो कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहा था. Mexico Plane Crash के इस पल ने वहां मौजूद लोगों को दहशत में डाल दिया. कुछ लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए, जबकि कई लोग पास की इमारतों में फंस गए थे.
कितने लोग थे सवार और क्या मिला मलबे में
मेक्सिको स्टेट सिविल प्रोटेक्शन कोऑर्डिनेटर एड्रिन हर्नांडेज ने बताया कि इस निजी विमान में कुल आठ यात्री और दो क्रू मेंबर सवार थे. यानी विमान में कुल दस लोग मौजूद थे. हादसे के कई घंटे बाद तक राहत एवं बचाव कार्य चलता रहा, लेकिन अब तक केवल सात शव ही बरामद किए जा सके हैं. बाकी लोगों की तलाश और पहचान का काम जारी है. आग इतनी भीषण थी कि विमान का अधिकांश हिस्सा पूरी तरह जलकर खाक हो गया, जिससे शवों की पहचान करना भी मुश्किल हो रहा है. फोरेंसिक टीम डीएनए जांच की मदद से मृतकों की पहचान करने की तैयारी में जुटी है. Mexico Plane Crash के बाद पूरे इलाके को सील कर दिया गया है ताकि जांच प्रभावित न हो. प्रशासन का कहना है कि हादसे के कारणों की गहराई से जांच की जाएगी, जिसमें विमान की तकनीकी स्थिति, मौसम और पायलट के फैसलों की भी समीक्षा की जाएगी.
इलाके में हड़कंप, 130 लोगों को निकाला गया सुरक्षित
सैन मातेओ अतेन्को की मेयर आना मुनिज ने स्थानीय मीडिया से बातचीत में बताया कि विमान के टकराते ही लगी आग ने आसपास की कई इमारतों को भी खतरे में डाल दिया था. आग की गंभीरता को देखते हुए एहतियातन करीब 130 लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका. एंबुलेंस सेवाएं, पुलिस और आपदा प्रबंधन टीमें एक साथ काम करती रहीं. Mexico Plane Crash की वजह से कुछ समय के लिए आसपास की सड़कें बंद कर दी गईं और लोगों को घरों से बाहर निकलने से रोका गया. प्रशासन ने साफ किया है कि राहत कार्य पूरा होने के बाद ही इलाके को सामान्य किया जाएगा. इस हादसे ने एक बार फिर छोटे निजी विमानों की सुरक्षा और आपात लैंडिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
