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बिना ब्याज 10 लाख तक का लोन! योगी सरकार की इस योजना ने ग्रामीण युवाओं के लिए खोल दिए रोजगार के बड़े रास्ते

योगी सरकार की मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत ग्रामीण युवाओं को 10 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त कर्ज मिल रहा है।

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उत्तर प्रदेश की योगी सरकार लगातार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में नई योजनाएं लागू कर रही है। इसी क्रम में खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग द्वारा संचालित ‘मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना’ ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर बनकर सामने आई है। इस योजना के तहत ऐसे युवा, जो खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं लेकिन पूंजी की कमी के कारण आगे नहीं बढ़ पा रहे थे, उन्हें अब बैंक के माध्यम से अधिकतम 10 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य केवल रोजगार देना नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाना है। यह योजना विशेष रूप से लघु उद्योग, कुटीर उद्योग और ग्रामोद्योग से जुड़े उद्यमों को बढ़ावा देने पर केंद्रित है, जिससे गांवों में ही रोजगार के नए अवसर पैदा हों।

ब्याज में बड़ी राहत, सरकार खुद उठाएगी जिम्मेदारी

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें ऋण पर ब्याज का बोझ युवाओं पर नहीं डाला गया है। सामान्य वर्ग के पुरुष लाभार्थियों को बैंक ऋण पर केवल 4 प्रतिशत ब्याज देना होगा, जबकि शेष ब्याज की राशि खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग द्वारा वहन की जाएगी। वहीं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, महिलाएं और भूतपूर्व सैनिक जैसे आरक्षित वर्गों के लिए यह योजना और भी लाभकारी है। इन वर्गों के लाभार्थियों का पूरा ब्याज विभाग द्वारा पांच वर्षों तक चुकाया जाएगा। इसका सीधा मतलब है कि इन वर्गों के उद्यमी लगभग ब्याज मुक्त ऋण पर अपना व्यवसाय शुरू कर सकते हैं, जिससे शुरुआती वर्षों में उन्हें आर्थिक दबाव का सामना नहीं करना पड़ेगा।

पात्रता और स्वयं का अंशदान जानना है जरूरी

योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ आवश्यक शर्तें तय की गई हैं। आवेदक का ग्रामीण क्षेत्र का मूल निवासी होना अनिवार्य है और उसकी उम्र 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसके अलावा, जो व्यक्ति पहले किसी भी सरकारी योजना के तहत ऋण या अनुदान प्राप्त कर चुके हैं, वे इस योजना के पात्र नहीं होंगे। योजना में स्वयं का अंशदान भी अनिवार्य किया गया है ताकि उद्यमी की भागीदारी और जिम्मेदारी सुनिश्चित हो सके। सामान्य वर्ग के पुरुष आवेदकों को परियोजना लागत का 10 प्रतिशत स्वयं जमा करना होगा, जबकि अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, महिलाएं, दिव्यांग और भूतपूर्व सैनिकों को केवल 5 प्रतिशत अंशदान देना होगा। यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोग इस योजना का लाभ उठा सकें और आर्थिक बाधा उनके सपनों में रुकावट न बने।

31 दिसंबर तक करें आवेदन, जानिए पूरी प्रक्रिया

इस योजना के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 दिसंबर निर्धारित की गई है। जिला ग्रामोद्योग अधिकारी आरके श्रीवास्तव के अनुसार, इच्छुक अभ्यर्थी http://cmegp.data-center.co.in पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन के बाद उसकी प्रिंटेड प्रति निकालकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, विकास भवन में जमा करना अनिवार्य है। आवेदन के साथ पासपोर्ट साइज फोटो, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, शैक्षिक योग्यता प्रमाण पत्र, शपथ पत्र, आधार कार्ड, विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट और ग्राम प्रधान द्वारा प्रमाणित चौहद्दी की प्रति लगानी होगी। विभाग द्वारा आवेदन की जांच के बाद पात्र उम्मीदवारों को बैंक ऋण स्वीकृत किया जाएगा। यह योजना उन युवाओं के लिए एक मजबूत आधार साबित हो सकती है, जो अपने गांव में रहकर ही उद्योग स्थापित कर आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं।

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