अंजलि निंबालकर: गोवा से नई दिल्ली जा रही एक फ्लाइट में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद एक अमेरिकी महिला यात्री की तबीयत अचानक बिगड़ गई। महिला को तेज सीने में दर्द शुरू हुआ और सांस लेने में भारी दिक्कत होने लगी। फ्लाइट के अंदर मौजूद यात्रियों को पहले तो समझ ही नहीं आया कि क्या किया जाए। स्थिति तेजी से गंभीर होती जा रही थी और महिला की हालत देखकर साफ लग रहा था कि मामला सामान्य नहीं है। केबिन क्रू ने तुरंत मेडिकल इमरजेंसी की घोषणा की और फ्लाइट में मौजूद किसी डॉक्टर से मदद की अपील की गई।
हजारों फीट की ऊंचाई पर सीमित संसाधनों के बीच यह एक बेहद नाजुक स्थिति थी। महिला दर्द से तड़प रही थी और कुछ यात्रियों में घबराहट फैलने लगी थी। ऐसे समय में फ्लाइट को डायवर्ट करना भी आसान नहीं होता, क्योंकि हर मिनट कीमती था। इसी बीच फ्लाइट में मौजूद एक शख्स आगे बढ़ा, जिसने हालात की दिशा ही बदल दी।
डॉ. अंजलि निंबालकर ने संभाली कमान, तुरंत शुरू किया इलाज
फ्लाइट में मौजूद कांग्रेस की पूर्व विधायक और पेशे से डॉक्टर डॉ. अंजलि निंबालकर ने बिना एक पल गंवाए आगे आकर महिला की जांच शुरू की। उन्होंने महिला की स्थिति को गंभीर समझते हुए तुरंत इमरजेंसी मेडिकल केयर देना शुरू किया। डॉ. अंजलि ने महिला को कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) दिया और लगातार उसकी नब्ज, सांस और प्रतिक्रिया पर नजर रखी।
करीब डेढ़ घंटे तक डॉ. अंजलि महिला के पास ही रहीं। उन्होंने उपलब्ध दवाओं का सही इस्तेमाल किया और केबिन क्रू को भी जरूरी निर्देश दिए। उनके शांत व्यवहार और पेशेवर अनुभव ने न सिर्फ मरीज की हालत संभाली, बल्कि फ्लाइट में मौजूद अन्य यात्रियों को भी भरोसा दिया। सही समय पर लिए गए फैसलों और त्वरित इलाज की वजह से महिला की हालत धीरे-धीरे स्थिर होने लगी और एक बड़ा हादसा टल गया।
जान बची, फ्लाइट में लौटी राहत की सांस
लगातार प्रयासों के बाद अमेरिकी महिला की हालत में सुधार देखा गया। उसकी सांस सामान्य होने लगी और सीने का दर्द भी काबू में आ गया। जब यह साफ हुआ कि महिला अब खतरे से बाहर है, तब जाकर फ्लाइट में मौजूद यात्रियों और क्रू में राहत की सांस आई। कई यात्रियों ने डॉ. अंजलि के इस मानवीय और साहसी कदम की खुले तौर पर सराहना की।
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि डॉक्टर सिर्फ अस्पतालों में ही नहीं, बल्कि हर जगह जीवन रक्षक भूमिका निभा सकते हैं। सीमित संसाधनों, ऊंचाई और दबाव भरी स्थिति के बावजूद डॉ. अंजलि ने जिस सूझ-बूझ और धैर्य से काम लिया, उसने एक अनजान महिला को नया जीवन दिया। यह सिर्फ एक मेडिकल सहायता नहीं, बल्कि मानवता की मिसाल थी।
सीएम सिद्धारमैया ने की तारीफ
14 दिसंबर को कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर इस घटना की जानकारी दी और डॉ. अंजलि निंबालकर की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने लिखा कि डॉ. अंजलि ने अपने चिकित्सकीय ज्ञान और त्वरित निर्णय क्षमता से एक महिला की जान बचाकर मानवता की मिसाल पेश की है। मुख्यमंत्री ने इसे कर्नाटक और देश के लिए गर्व का क्षण बताया।
कांग्रेस पार्टी की ओर से भी इस कार्य की सराहना की गई। पार्टी नेताओं ने कहा कि डॉ. अंजलि निंबालकर ने यह साबित कर दिया कि जनप्रतिनिधि होने के साथ-साथ वे एक समर्पित डॉक्टर भी हैं। इस घटना ने न सिर्फ एक जान बचाई, बल्कि समाज के लिए यह संदेश भी दिया कि सही समय पर उठाया गया एक कदम किसी की पूरी जिंदगी बदल सकता है।
