आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू (ASR) जिले में मंगलवार देर रात एक ऐसा हादसा हुआ जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। भद्राचलम से अन्नावरम की ओर जा रही एक निजी ट्रैवल्स बस चित्तूर–मरडुमल्ली घाट रोड पर मोड़ लेते समय अनियंत्रित होकर लगभग सौ मीटर गहरी घाटी में जा गिरी। हादसा इतना भीषण था कि बस देखते ही देखते चकनाचूर हो गई और कई यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई। बस में कुल 37 यात्री सवार थे, जिनमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल थीं। स्थानीय लोगों ने दुर्घटना की आवाज सुनते ही मौके पर पहुंचकर बचाव शुरू किया, जिसके बाद प्रशासन की टीम भी तुरंत वहां पहुंची।
प्रशासन ने दी पुष्टि, 10 की मौत – कई घायल जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे
ASR जिला कलेक्टर दिनेश कुमार ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि अब तक 10 यात्रियों की मौत की जानकारी मिली है, जबकि कई लोग गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं। जिला प्रशासन ने रात में ही रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया था, जिसमें पुलिस, दमकल विभाग और SDRF की टीमों को लगाया गया। घायलों को भद्राचलम एरिया अस्पताल और समीप के अन्य मेडिकल सेंटरों में भर्ती किया गया है।
डॉक्टरों का कहना है कि कई घायल अभी भी गंभीर स्थिति में हैं, और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को तुरंत सूचना देने का काम शुरू कर दिया है। इस घटना से पूरे क्षेत्र में मातम का माहौल है।
कैसे हुआ हादसा: तेज मोड़, अंधेरा और खराब संतुलन बना मौत का कारण
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बस चित्तूर–मरडुमल्ली गिरी रोड के एक खतरनाक मोड़ पर पहुंची ही थी कि चालक अचानक नियंत्रण खो बैठा। रात का समय होने के कारण दृश्यता कम थी और पहाड़ी मार्ग होने के कारण जरा-सी चूक भी जान पर भारी पड़ जाती है। बस के अनियंत्रित होने के बाद वह सीधे घाटी की ओर लुढ़क गई और कई बार पलटते हुए नीचे जाकर अटक गई।
घटना स्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बस से चीख-पुकार की आवाजें दूर तक सुनाई दे रही थीं। कई यात्री सीटों में फंसे हुए थे जिन्हें बाहर निकालने में घंटों लग गए। बस का अगला हिस्सा पूरी तरह टूट चुका था, जिससे चालक और कोचिंग स्टाफ की स्थिति भी गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने हादसे की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
लगातार बढ़ रहे सड़क हादसे, यात्रियों ने उठाए सुरक्षा पर सवाल
इस दर्दनाक घटना के बाद स्थानीय लोग और नियमित यात्रियों ने फिर एक बार घाट रोड की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। यात्रियों का कहना है कि इस मार्ग पर अक्सर हादसे होते हैं, लेकिन सड़क चौड़ी करने या सुरक्षा बैरियर लगाने पर कोई खास ध्यान नहीं दिया जा रहा। कई यात्रियों ने यह भी बताया कि पहाड़ी रास्तों में रात के समय बसों का संचालन सीमित करना चाहिए, ताकि हादसों को रोका जा सके।
जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि वे इस घटना के बाद सड़क सुरक्षा उपायों की समीक्षा करेंगे और जरूरत पड़ने पर घाट रोड पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्थाएं लगाई जाएंगी। फिलहाल पूरा प्रशासन रेस्क्यू और घायलों के इलाज पर ध्यान केंद्रित किए हुए है। मृतकों के परिवारों तक सरकारी सहायता जल्द पहुंचे, इसके लिए भी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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