दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आतंकी गतिविधियों पर एक लंबे समय से नजर बनाए रखी थी। सूत्रों के अनुसार, पुलिस को पिछले कुछ हफ्तों से यह इनपुट मिल रहे थे कि राजधानी में कुछ संदिग्ध लोग सक्रिय हैं और वे किसी बड़े मॉड्यूल का हिस्सा हो सकते हैं। जैसे-जैसे इनपुट मजबूत होते गए, स्पेशल सेल की टीम ने एक विशेष निगरानी ऑपरेशन शुरू किया। इस ऑपरेशन में तकनीकी सर्विलांस, मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग और गुप्त सूचनाओं का सहारा लिया गया। धीरे-धीरे पुलिस के हाथ वह अहम सुराग लगा जिसकी उन्हें तलाश थी। जांच में सामने आया कि तीन संदिग्ध व्यक्ति अलग-अलग जगहों से दिल्ली में सक्रिय हैं और वे किसी विदेशी खुफिया नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। इन सुरागों के आधार पर टीम ने पूरी प्लानिंग के साथ कार्रवाई की और एक ही दिन में सभी संदिग्धों को अलग-अलग जगहों से पकड़ लिया। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि इन तीनों का संबंध ISI से जुड़ी कुछ गतिविधियों में पाया गया।
गिरफ्तारी का पूरा ऑपरेशन — किस तरह पकड़े गए संदिग्ध
स्पेशल सेल की कार्रवाई बेहद योजनाबद्ध और तेज थी। टीम ने कई दिनों तक संदिग्धों की मूवमेंट को ट्रैक किया और यह समझा कि कब और कहाँ उन्हें पकड़ा जा सकता है। तीनों संदिग्ध अक्सर लो-प्रोफाइल में रहते थे, ताकि पुलिस या आम लोगों को उन पर शक न हो। पुलिस टीम ने गिरफ्तारी के दौरान किसी भी प्रकार का जोखिम न लेते हुए ऑपरेशन को सीक्रेट रखा। सभी यूनिट्स को अलग-अलग लोकेशन पर तैनात किया गया था और जैसे ही संकेत मिला, विशेष टीमों ने एक साथ तीनों पर गिरफ्तारी की कार्रवाई की।
बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी के समय संदिग्धों के पास से कई ऐसे दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनमें कुछ महत्वपूर्ण डेटा मिला है। पुलिस अब इन उपकरणों की फोरेंसिक जांच कर रही है, ताकि आतंक नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक भी पहुंचा जा सके।
पूछताछ में सामने आए अहम खुलासे
गिरफ्तारी के बाद तीनों संदिग्धों से लगातार पूछताछ जारी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, ये लोग भारत में किसी विशेष मिशन पर थे और उन्हें बाहर से निर्देश मिल रहे थे। पूछताछ में यह भी पता चला है कि वे दिल्ली और आसपास के इलाकों में कुछ संवेदनशील जगहों की रेकी कर रहे थे। अधिकारियों का मानना है कि यह मॉड्यूल केवल शुरुआत थी और इनके पीछे एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। पुलिस अब इस बात की तस्दीक कर रही है कि क्या ये संदिग्ध किसी बड़े आतंकी हमले की योजना बना रहे थे या फिर खुफिया सूचनाएँ इकट्ठी कर रहे थे। सूत्र बताते हैं कि कई डिजिटल चैट्स, कॉल रिकॉर्ड और लोकेशन लॉग पुलिस के हाथ लगे हैं, जो आगे की जांच का आधार बनेंगे। इसके अलावा, पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इन संदिग्धों को फंडिंग कहाँ से मिल रही थी और दिल्ली आने का उनका असली मकसद क्या था।
सुरक्षा एजेंसियों ने बढ़ाई सतर्कता
इस कार्रवाई के बाद दिल्ली ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों की सुरक्षा एजेंसियों ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। चूँकि पकड़े गए संदिग्ध विदेशी नेटवर्क से संपर्क में थे, इसलिए यह माना जा रहा है कि देश में ऐसे और मॉड्यूल सक्रिय हो सकते हैं।
पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने मिलकर एक संयुक्त टीम बनाई है, जो इस पूरे नेटवर्क का पीछा कर रही है। पकड़े गए मोबाइल फोनों और लैपटॉप से मिले डेटा को विभिन्न एन्क्रिप्शन टूल्स से डिकोड किया जा रहा है। यह गिरफ्तारी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उस समय हुई है जब देश में कई बड़े कार्यक्रम और त्यौहार नज़दीक हैं। ऐसे समय में किसी भी तरह की आतंकी साजिश को रोकने के लिए यह ऑपरेशन एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। दिल्ली पुलिस ने साफ कहा है कि शहर की सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है, और इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेंगी। साथ ही, लोगों से भी अपील की जा रही है कि यदि उन्हें आसपास कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत पुलिस को जानकारी दें।
दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया है कि सुरक्षा एजेंसियाँ राजधानी को सुरक्षित रखने के लिए लगातार काम कर रही हैं। ISI से जुड़े संदिग्धों की गिरफ्तारी न केवल एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि यह देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम भी है।
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