Bihar Politics एक बार फिर दिनों से सुर्खियों में है, लेकिन इस बार हलचल कहीं ज्यादा तेज है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कैबिनेट बैठक के तुरंत बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके साथ ही पूरे राज्य के राजनीतिक गलियारों में गर्मी बढ़ गई है।
नीतीश कुमार ने अपने राजनीतिक करियर में यह कदम कई बार उठाया है, लेकिन इस बार इस्तीफे का समय और परिस्थितियां इसे और भी अहम बना देती हैं। वह वर्ष 2000 से लेकर 2022 तक नौ बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके हैं और लगातार सियासी समीकरणों के केंद्र में रहे हैं।
उनके इस्तीफे के बाद अब सवाल यह है—आखिर बिहार का नया मुख्यमंत्री कौन होगा? किसके हाथ में सत्ता की कमान सौंपी जाएगी? यही suspense पूरे राज्य में चर्चा का विषय बना हुआ है।
नई सरकार पर मांझी का बड़ा दावा
नीतीश कुमार के इस्तीफे के तुरंत बाद हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी सामने आए और नई सरकार की संभावित तस्वीर पेश कर दी। बिहार की राजनीति में मांझी का बयान बेहद अहम माना जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि नई सरकार के मंत्रिमंडल में कुल 35-36 मंत्री होंगे, जिनमें 15-16 बीजेपी के होंगे, जबकि 13-14 जेडीयू से लिए जाएंगे। इसके अलावा LJP (R) से 3 मंत्री और HAM तथा उपेंद्र कुशवाहा की RLN से एक-एक मंत्री को जगह मिलेगी। मांझी ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी किसी तरह की “लालच” में नहीं है और उन्हें जो भी जिम्मेदारी मिलेगी, वह उसे स्वीकार करेंगे। उनका यह बयान साफ संकेत दे रहा है कि नई सरकार का चेहरा लगभग तय हो चुका है और बातचीत अंतिम चरण में है।
नीतीश के इस्तीफों का इतिहास
नीतीश कुमार सत्ता छोड़ने और फिर वापसी करने के लिए जाने जाते हैं। Bihar Politics में उनके इस्तीफों का इतिहास बेहद दिलचस्प और उतार-चढ़ाव भरा रहा है। वर्ष 2000 में पहली बार सीएम बनने के बाद वह 2005-2010 और फिर 2010-2014 तक बीजेपी के समर्थन से मुख्यमंत्री रहे। लेकिन 2014 लोकसभा चुनाव के बाद उन्होंने सत्ता छोड़ दी और जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री पद सौंप दिया।
2015 में वह RJD और कांग्रेस के समर्थन से फिर सत्ता में लौटे और तेजस्वी यादव को पहली बार डिप्टी सीएम बनाया। 2017 में तेजस्वी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे तो नीतीश ने उनसे इस्तीफा मांगा। राजद ने मना किया तो नीतीश ने खुद इस्तीफा देकर कुछ घंटों में एनडीए संग दोबारा सरकार बना ली।
2020 में वह एनडीए के समर्थन से फिर मुख्यमंत्री बने, लेकिन 2022 में राजद के साथ जाकर सरकार बदल दी। 2024 में उन्होंने फिर इस्तीफा दिया और उसी दिन एनडीए में लौटकर नौवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। अब, 2025 में एक बार फिर उन्होंने इस्तीफा देकर सियासी चर्चा को नई दिशा दे दी है।
अब नया मुख्यमंत्री कौन?
नीतीश कुमार के इस्तीफे के साथ बिहार में नई सरकार बनने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बिहार की राजनीति में अब सबसे बड़ा सवाल यही है क्या बीजेपी नया सीएम देगी? क्या नीतीश किसी विश्वस्त नेता को आगे बढ़ाएंगे? या फिर दोनों दल मिलकर किसी नए चेहरे पर सहमति करेंगे?
बैकडोर मीटिंग्स जारी हैं, और सूत्रों के अनुसार कई नाम उच्च स्तर पर चर्चा में हैं। बीजेपी और जेडीयू दोनों ही ऐसे चेहरे की तलाश में हैं जो आगामी चुनावों में गठबंधन को मजबूत कर सके।
इस बीच विपक्ष भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और नीतीश के फैसले को “अनिश्चितता” की राजनीति करार दे रहा है।
हालांकि यह तय है कि बिहार में सत्ता का नया अध्याय जल्द ही शुरू होने वाला है। लेकिन उसका नेतृत्व कौन करेगा—यह फिलहाल सबसे बड़ा राजनीतिक रहस्य बना हुआ है।
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