Bareilly News: उत्तर प्रदेश के बरेली से एक बहुत ही हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है जहां पर पुलिस के कन्फ्यूजन ने एक बेगुनाह महिला को बदनाम कर दिया और 2 दिन तक जेल में भी रखा गया। पुलिस ने बिजली चोरी के मामले में मुन्नी नाम की महिला को गिरफ्तार कर लिया उसे जेल भेज दिया। लेकिन जैसे ही खुलासा हुआ तो हर कोई हैरान रह गया।
वारंटी दूसरी महिला को गिरफ्तार करने गई थी पुलिस
दरअसल यह मामला बरेली के सीबीगंज थाना क्षेत्र के बडिया गांव का है। जहां पर परसाखेड़ा चौकी इंचार्ज सौरभ यादव की वजह से मुन्नी नाम की महिला को 2 दिन जेल काटनी पड़ी। जबकि महिला ने कोई भी कांड नहीं किया था। बिजली चोरी के पुराने मुकदमें वारंट दूसरी मुन्नी के नाम पर था। कोर्ट की फटकार के बाद महिला को तुरंत ही रिहा किया गया। महिला का पति जानकी जब पत्नी की जमानत कराने कोर्ट पहुंचे तो वकील के जरिए केस की जानकारी कराई। पता चला कि उनकी पत्नी उन्हें के नाम कोई रिपोर्ट या वारंट नहीं है।
चीख कर खुद को निर्दोष बताते रहे परिजन
वर्ष 2018 में गांव की निवासी वृद्ध महिला मुन्नी पत्नी छोटे शाह के घर बिजली चोरी पकड़ी गई थी जिसे सीबीगंज थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था विधवा मुन्नी ने कोई पैरवी नहीं की तो कोर्ट ने उसके खिलाफ वारंट जारी कर दिया। 13 अप्रैल को परसाखेड़ा चौकी प्रभारी सौरभ यादव पुलिस टीम के साथ डेविस देने गांव पहुंचे पुलिस ने मुन्नी पत्नी छोटे शाह की जगह इस गांव की निवासी मुन्नी पत्नी जानकी को पकड़ ले गई और जेल भेज दिया। मुन्नी और उनके परिवार चीखकर खुद को निर्दोष बताते रहे लेकिन पुलिस ने एक नहीं सुनी। महिला का पति जानकी जब पत्नी की जमानत कराने कोर्ट पहुंचा तो वकील के जरिए सच का खुलासा हुआ। तब पुलिस के हाथ पैर फूल गये और पता लगा कि यह सब परसाखेड़ा चौकी प्रभारी सौरभ यादव का किया धरा है। तब चौकी प्रभारी ने कोर्ट में अर्जी देकर स्थिति स्पष्ट की और बुधवार को मुन्नी जेल से रिहा होकर घर वापस आ गए।
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