ढाका रेलवे स्टेशन पर शूट हुआ यह वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो गया है। इसमें एक नौजवान कुली चलती ट्रेन के साथ तेज़ी से दौड़ रहा है। उसकी सांसें फूली हुई हैं, चेहरा पसीने से भीगा है और हाथ में फटे कपड़े की पुरानी पोटली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह कुली किसी यात्री का सामान उठाने में मदद कर रहा था और इसी दौरान उसकी जेब से कुछ मेहनत की कमाई जमीन पर गिर गई। कुली का दावा है कि ट्रेन में बैठे यात्री के पैरों के पास पैसा गिरा था, जिसे वह उठाने की कोशिश में दौड़ता रहा। वीडियो में दिखता है कि कुली बार-बार आवाज़ लगाकर कहता है कि “भाई, वो पैसा मेरा है… लौटा दो” लेकिन यात्री ने खिड़की की तरफ सिर घुमाकर भी नहीं देखा।
यह दृश्य देखकर प्लेटफॉर्म पर मौजूद लोग भी असमंजस में पड़ जाते हैं। कोई उसे रोकने की कोशिश करता है तो कोई उसे गिरने से बचाने के लिए चिल्लाता है। लेकिन कुली बार-बार कहता है कि उस पैसे के बिना उसका घर चलना मुश्किल हो जाएगा। वीडियो में उसके चेहरे पर उतरी लाचारी और थकान ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है।
यात्री की बेरुखी ने भड़काया गुस्सा
वीडियो में साफ नजर आता है कि कुली अपनी पूरी ताकत लगाकर तेज़ रफ्तार पकड़ चुकी ट्रेन का पीछा कर रहा है। वह खिड़की के पास बैठे व्यक्ति से विनती करता है, लेकिन यात्री पूरी तरह अनदेखा कर देता है। यह बेरुखी देख कर यूजर्स का गुस्सा फूट पड़ा। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर लिखा कि चाहे पैसा कुली का गिरा हो या नहीं, एक इंसानी फर्ज़ के नाते यात्री को कम से कम इतना तो पूछ लेना चाहिए था कि मामला क्या है। कई लोगों ने इसे गरीबों के प्रति समाज की असंवेदनशीलता का उदाहरण बताया। कुछ ने लिखा कि मेहनत की कमाई का दर्द वही समझ सकता है जो रोज़ कमाकर अपने परिवार को खिलाता है। लोग इस बात पर भी भड़के कि प्लेटफॉर्म पर मौजूद किसी व्यक्ति ने वीडियो तो बना लिया, लेकिन किसी ने उस कुली की मदद की कोशिश नहीं की।
हताश होकर लौट गया कुली
काफी देर दौड़ने के बाद कुली हारकर रुक जाता है। वीडियो में दिखता है कि वह हाथ हवा में उठाकर कुछ बुदबुदाता है और फिर थका हुआ प्लेटफॉर्म की दीवार से टिक जाता है। लोकल मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उसने निराशा में कहा कि “जो मेरी मेहनत छीनता है, उसका भला नहीं होता।” कई यूजर्स ने माना कि यह बददुआ उसकी मजबूरी का नतीजा थी, न कि किसी के लिए नफरत।
कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कुली 500–700 टका रोज़ की कमाई पर गुज़ारा करता है। इतने कम पैसों में परिवार, किराया और खाना चलाना बेहद मुश्किल होता है। ऐसे में उसका थोड़ी-सी रकम पर इतना टूट जाना समझ में आता है। वीडियो ने लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि एक गरीब इंसान की जिंदगी कितनी नाजुक धागों से बंधी होती है।
वीडियो ने जगाई बहस: क्या समाज संवेदनहीन हो चुका है?
इस घटना ने सोशल मीडिया पर इंसानियत और नैतिकता को लेकर गंभीर चर्चा खड़ी कर दी है। कुछ यूज़र्स ने लिखा कि किसी की कठिनाई देखकर मुंह मोड़ लेना हमारे समाज की सबसे बड़ी कमज़ोरी है। वहीं कई लोगों ने रेलवे प्रशासन से अपील की है कि प्लेटफॉर्म पर कुलियों के अधिकारों को लेकर स्पष्ट नियम बनाए जाएं, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
वीडियो के वायरल होने के बाद ढाका रेलवे के कुछ अधिकारियों ने कहा कि वे मामले की जांच करेंगे और कुली की पहचान करने की कोशिश करेंगे ताकि उसकी मदद की जा सके। कई सोशल मीडिया ग्रुप्स ने भी उसके समर्थन में चंदा जुटाने की पहल शुरू की है। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि कभी-कभी हमारी छोटी-सी संवेदनशीलता किसी की बड़ी समस्या हल कर सकती है। लेकिन बेरुखी किसी गरीब की कमाई ही नहीं, उसका मनोबल भी छीन लेती है।
Read More-बिना इंटरव्यू सीधी सरकारी नौकरी! यूपी में 1894 टीचर भर्ती ने युवाओं में बढ़ाई हलचल
