सोशल मीडिया पर मशहूर होने की चाहत कई बार लोगों को ऐसी हरकतें करने पर मजबूर कर देती है, जो बाद में विवाद का कारण बन जाती हैं। ऐसा ही एक मामला बिहार की राजधानी पटना से सामने आया है, जहां एक युवक ने वीडियो बनाने के लिए खुद को TTE बताकर रेलवे स्टेशन पर घूमना शुरू कर दिया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया, जिसके बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने इसे गंभीर विषय बताते हुए कार्रवाई की मांग की है। वहीं, रेलवे प्रशासन ने भी मामले को संज्ञान में लेकर जांच शुरू कर दी है।
टीटीई की वर्दी पहनकर यात्रियों के बीच पहुंचा युवक
जानकारी के अनुसार, कंटेंट क्रिएटर शिवम गुप्ता नाम का युवक पटना जंक्शन पर TTE जैसी वर्दी पहनकर पहुंचा था। वीडियो में वह दावा करता दिखाई देता है कि वह यह देखना चाहता था कि यदि कोई व्यक्ति नकली TTE बन जाए तो लोगों की प्रतिक्रिया कैसी होगी। वर्दी पहनने के कारण कई यात्रियों ने उसे असली रेलवे अधिकारी समझ लिया। कुछ यात्रियों ने टिकट से जुड़ी जानकारी मांगी, जबकि कुछ लोगों ने उसकी बातों पर भरोसा करते हुए पैसे भी दे दिए। वीडियो में युवक यह भी कहता नजर आता है कि उसने इस दौरान करीब 1200 रुपये जुटा लिए। हालांकि वीडियो में दिखाए गए दावों की सच्चाई की जांच अभी बाकी है।
A boy named Shivam Gupta reportedly dressed up as a TTE and checked passengers’ tickets at Patna Junction just to gain views on social media.
This isn’t a prank — it’s impersonation of a public servant and a serious security concern.
Such stunts can mislead passengers,… pic.twitter.com/EwnaVpvZr4
— Jharkhand Rail Users (@JharkhandRail) June 10, 2026
रेलवे प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया
वीडियो सामने आने के बाद रेलवे अधिकारियों ने इसे गंभीर मामला माना है। रेलवे का कहना है कि स्टेशन परिसर में किसी सरकारी कर्मचारी की पहचान का इस्तेमाल करना नियमों के खिलाफ है। खासकर रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील स्थानों पर इस तरह की गतिविधियां सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर सकती हैं। दानापुर मंडल के अधिकारियों ने वायरल वीडियो की जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि युवक ने किस उद्देश्य से यह वीडियो बनाया और क्या उसने यात्रियों को गुमराह किया। रेलवे प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
वायरल होने की दौड़ पर उठे सवाल
यह घटना सोशल मीडिया पर बढ़ती उस प्रवृत्ति को भी दिखाती है, जिसमें कुछ लोग अधिक व्यूज और फॉलोअर्स पाने के लिए जोखिम भरे या विवादित प्रयोग करने लगते हैं। कई लोगों का मानना है कि मनोरंजन और कंटेंट क्रिएशन की भी एक सीमा होनी चाहिए। यदि किसी वीडियो के कारण लोगों में भ्रम पैदा हो या सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित हो, तो उसे केवल मजाक या प्रयोग नहीं कहा जा सकता। पटना जंक्शन का यह मामला अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के लिए कानून और जिम्मेदारी को नजरअंदाज किया जा सकता है।
