सड़क किनारे अक्सर लोग अपने काम में व्यस्त नजर आते हैं। कोई गाड़ी दौड़ाता हुआ निकल जाता है तो कोई मोबाइल में खोया रहता है। लेकिन इसी भीड़-भाग वाली जिंदगी के बीच एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने हर देखने वाले का दिल छू लिया। एक आंटी ने सड़क किनारे भूखे बंदरों को देखा, जो इधर-उधर खाने की तलाश में भटक रहे थे। उनकी हालत देखकर आंटी से रहा नहीं गया। उन्होंने न तो कैमरा निकाला और न ही किसी से मदद मांगी, बल्कि सीधे इंसानियत का रास्ता चुना। यही पल अब सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के रूप में लाखों लोगों तक पहुंच चुका है।
खुद बनाई ताजी रोटियां, प्यार से किया इंतजार
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि आंटी ने घर जाकर खुद अपने हाथों से ताजी रोटियां बनाईं। रोटियां बनाते समय उनके चेहरे पर किसी तरह की जल्दी या दिखावा नहीं था, बल्कि एक मां जैसा अपनापन झलक रहा था। जब रोटियां तैयार हुईं, तो वह उन्हें लेकर वापस उसी जगह पहुंचीं, जहां बंदर भूखे बैठे थे। खास बात यह रही कि आंटी ने गर्म रोटियों को सीधे नहीं दिया, बल्कि पहले उन्हें फूंक-फूंक कर ठंडा किया, ताकि बंदरों को कोई नुकसान न हो। यह छोटा सा ध्यान लोगों को सबसे ज्यादा भावुक कर रहा है।
बंदरों की प्रतिक्रिया ने जीता लोगों का दिल
जैसे ही आंटी ने प्यार से रोटियां आगे बढ़ाईं, बंदर भी बिना डर या आक्रामकता के धीरे-धीरे उनके पास आए। किसी तरह की अफरा-तफरी नहीं दिखी, बल्कि मानो इंसान और जानवर के बीच एक अनकहा भरोसा बन गया हो। बंदर शांति से रोटियां लेते और खाते नजर आए। इस पूरे नजारे में न कोई डर था और न ही स्वार्थ, सिर्फ अपनापन और करुणा दिखाई दे रही थी। वीडियो देखने वालों का कहना है कि आज के समय में, जब लोग इंसानों की मदद से भी पीछे हट जाते हैं, तब इस तरह का दृश्य उम्मीद जगाने वाला है।
सोशल मीडिया पर इंसानियत की जमकर हो रही तारीफ
यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हजारों लोग इसे शेयर कर रहे हैं और आंटी की तारीफ करते नहीं थक रहे। कोई उन्हें “इंसानियत की मिसाल” बता रहा है तो कोई कह रहा है कि ऐसे लोग ही समाज को बेहतर बनाते हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि यह वीडियो सिखाता है कि दया और करुणा दिखाने के लिए बड़े मंच या ज्यादा पैसे की जरूरत नहीं होती, बस एक साफ दिल चाहिए। यह खबर न सिर्फ एक वायरल वीडियो की कहानी है, बल्कि यह याद दिलाने वाली सीख भी है कि इंसान और जानवर के बीच का रिश्ता सिर्फ डर या दूरी का नहीं, बल्कि प्यार और जिम्मेदारी का भी हो सकता है।
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