बिहार की राजनीति में बुधवार का दिन बेहद अहम साबित हुआ, जब सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और सत्ता परिवर्तन का नया अध्याय शुरू हुआ। राज्यपाल द्वारा पद और गोपनीयता की शपथ दिलाए जाने के बाद जैसे ही उन्होंने पदभार संभाला, वैसे ही विपक्ष की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। खासकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया के जरिए तंज कसते हुए उन्हें “Selected मुख्यमंत्री” बताया, जिसने पूरे सियासी माहौल को गर्म कर दिया। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद ही यह बयान चर्चा का केंद्र बन गया और बिहार की राजनीति में नए टकराव के संकेत साफ दिखाई देने लगे।
तेजस्वी का तंज—21 साल के शासन पर उठाए सवाल
तेजस्वी यादव ने अपने पोस्ट में न सिर्फ सम्राट चौधरी को बधाई दी, बल्कि 21 साल के एनडीए शासन पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद बिहार आज भी कई महत्वपूर्ण सूचकांकों में पीछे है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कानून-व्यवस्था, निवेश और विकास जैसे मुद्दों पर राज्य राष्ट्रीय औसत से काफी नीचे है। उनके बयान में यह संदेश साफ था कि नई सरकार के सामने चुनौतियां बड़ी हैं और जनता अब सिर्फ वादों से नहीं, बल्कि ठोस काम से बदलाव चाहती है। इस बयान को राजनीतिक हमला ही नहीं, बल्कि आगामी रणनीति के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।
नई सरकार की शुरुआत और जिम्मेदारियों का दबाव
सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद बिहार सचिवालय में कार्यभार ग्रहण कर लिया है। उनके साथ नई सरकार के गठन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ी, जिसमें जदयू के वरिष्ठ नेताओं को मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया। यह गठबंधन सरकार कई समीकरणों के बीच बनी है, इसलिए इसके सामने संतुलन बनाए रखना भी एक बड़ी चुनौती होगी। जनता की उम्मीदें भी इस बार ज्यादा हैं, क्योंकि लगातार बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच विकास की रफ्तार को लेकर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में नई सरकार को न सिर्फ प्रशासनिक मोर्चे पर बल्कि राजनीतिक मोर्चे पर भी मजबूती दिखानी होगी।
इस्तीफे से शपथ तक—तेज बदलाव का दौर
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया और राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गए। इसके बाद सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाया गया, जो पहले उपमुख्यमंत्री के रूप में अहम जिम्मेदारियां निभा रहे थे। अब उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती राज्य को विकास की नई दिशा देना और विपक्ष के आरोपों का जवाब अपने काम से देना है। वहीं, तेजस्वी यादव का “Selected” वाला बयान आने वाले समय में सियासी बहस का बड़ा मुद्दा बन सकता है। कुल मिलाकर, बिहार में सत्ता परिवर्तन के साथ ही एक नई राजनीतिक लड़ाई की शुरुआत हो चुकी है, जिसकी गूंज आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।
