महाराष्ट्र की राजनीति में एक भावुक और अहम दिन देखने को मिला, जब एनसीपी के दिवंगत नेता अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार ने राज्य के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। अजित पवार का हाल ही में एक प्लेन क्रैश हादसे में निधन हो गया था, जिससे पूरे राज्य में शोक की लहर फैल गई थी। खासकर बारामती क्षेत्र में लोग गहरे सदमे में थे। ऐसे मुश्किल समय में एनसीपी ने सुनेत्रा पवार पर भरोसा जताया और उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपी। शपथ लेते समय सुनेत्रा पवार ने अपने पति को श्रद्धांजलि दी और कहा कि वह उनके अधूरे कामों को आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगी। इस फैसले के साथ ही सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी सीएम बन गई हैं, जो राज्य के लिए एक नया इतिहास है।
एनसीपी की बैठक और नेताओं की अहम बातचीत
सुनेत्रा पवार को डिप्टी सीएम बनाने से पहले मुंबई में राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे, सांसद प्रफुल पटेल, वरिष्ठ नेता छगन भुजबल और धनंजय मुंडे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। इस बैठक में राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और सरकार के आगे के रास्ते पर चर्चा हुई। इसके बाद एनसीपी ने अपने सभी विधायकों की बैठक बुलाई। बैठक में सर्वसम्मति से सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नेता चुना गया। पार्टी नेताओं का मानना था कि अजित पवार के निधन के बाद पार्टी और समर्थकों को एक मजबूत और भरोसेमंद नेतृत्व की जरूरत है। पवार परिवार का नाम और अनुभव इस फैसले की बड़ी वजह बना।
बारामती में शोक और लोगों की उम्मीदें
अजित पवार के निधन के बाद बारामती में गम का माहौल है। यह वही क्षेत्र है, जहां से पवार परिवार की राजनीति की जड़ें जुड़ी हुई हैं। अजित पवार को लोग एक सख्त लेकिन विकास पर ध्यान देने वाले नेता के रूप में जानते थे। अब उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार के सामने लोगों की उम्मीदें टिकी हुई हैं। शपथ के बाद उन्होंने कहा कि वह बारामती और पूरे महाराष्ट्र के लोगों की सेवा करना चाहती हैं। उन्होंने साफ किया कि किसानों, महिलाओं, युवाओं और शिक्षा से जुड़े मुद्दे उनकी प्राथमिकता होंगे। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि सुनेत्रा पवार उनके क्षेत्र के विकास को आगे बढ़ाएंगी और अजित पवार की कमी को कुछ हद तक पूरा करेंगी।
सामाजिक काम से राजनीति तक सुनेत्रा पवार का सफर
सुनेत्रा पवार का सफर अचानक राजनीति में आने का नहीं है। वह लंबे समय से सामाजिक कार्यों से जुड़ी रही हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण के कई कार्यक्रमों में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई है। साल 2024 के बारामती लोकसभा चुनाव में उन्होंने सुप्रिया सुले के खिलाफ चुनाव लड़ा था, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद भी एनसीपी ने उन पर भरोसा बनाए रखा और उन्हें राज्यसभा भेजा गया। अब डिप्टी सीएम बनने के बाद उनकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि सुनेत्रा पवार के लिए यह एक बड़ी परीक्षा होगी, लेकिन पार्टी का समर्थन और जनता की सहानुभूति उनके लिए मजबूत आधार साबित हो सकती है। आने वाले समय में यह देखा जाएगा कि वह इस नई भूमिका में कितना सफल रहती हैं।
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