नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर 10वीं बार शपथ लेकर एक नया इतिहास रचा है। पटना के राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यभर से लगभग 2-3 लाख मतदाता मौजूद रहे। समारोह की शुरूआत नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण से हुई और इसके बाद अन्य विधायकों और मंत्रियों ने शपथ ली। इस मौके पर राजनीतिक दलों और नागरिकों में उत्साह और उमंग का माहौल देखने को मिला।
नई सरकार में शामिल 26 मंत्री
नीतीश कुमार की नई सरकार में कुल 26 मंत्री शामिल किए गए हैं। मंत्रियों की सूची में अनुभवी नेताओं के साथ नए चेहरों को भी जगह दी गई है। राज्य सरकार के इस मंत्रिमंडल में सामाजिक, आर्थिक और विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विभागों का जिम्मा विभिन्न नेताओं को सौंपा गया है। इससे यह संकेत मिलता है कि नीतीश कुमार ने अपने प्रशासन में संतुलन और अनुभव दोनों को महत्व दिया है।
समारोह में भारी जनसैलाब
शपथ ग्रहण समारोह में बिहार के विभिन्न हिस्सों से आए लाखों लोग मौजूद रहे। राज्य की सड़कों और मुख्य मार्गों पर भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। समारोह स्थल पर उपस्थित लोगों ने नीतीश कुमार के दसवीं बार मुख्यमंत्री बनने पर खुशी और समर्थन जताया। इस अवसर पर नागरिकों ने कहा कि यह उनका राजनीतिक करिश्मा और जनता के विश्वास का परिणाम है।
राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव
नीतीश कुमार के 10वीं बार मुख्यमंत्री बनने से बिहार की राजनीतिक दिशा पर भी असर पड़ेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि नए मंत्रिमंडल में युवा और अनुभवी नेताओं का मिश्रण सरकार को स्थिर और प्रभावशाली बनाने में मदद करेगा। साथ ही, राज्य की विकास योजनाओं और जनकल्याण परियोजनाओं में गति आने की उम्मीद जताई जा रही है। शपथ ग्रहण समारोह ने यह स्पष्ट कर दिया कि नीतीश कुमार की लोकप्रियता और राजनीतिक कौशल आज भी बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
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